केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने संसद की कार्यवाही बाधित करने को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे छात्रों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर केवल राजनीति कर रहे हैं और विद्यार्थियों की समस्याओं से उनका कोई वास्तविक सरोकार नहीं है। मंत्री ने कहा कि विरोधी दलों द्वारा लगातार किए जा रहे हंगामे के कारण संसद का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संसद गतिरोध और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
संसदीय कार्यवाही में जारी गतिरोध पर कड़ा ऐतराज जताते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, "राहुल गांधी, अखिलेश यादव और विपक्ष की अन्य पार्टियों ने सदन को बंधक बना लिया है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यह मामला पहली बार सामने आया था, तब केंद्र सरकार ने बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाए थे। लगभग 3 मई को जैसे ही यह विषय प्रकाश में आया, प्रधानमंत्री ने तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप किया ताकि परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से आयोजित की जा सकें और नतीजे बिना किसी विलंब के घोषित किए जा सकें।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की त्वरित पहल की वजह से देश के किसी भी विद्यार्थी का एक शैक्षणिक वर्ष खराब नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त, छात्रों से किए गए वादों को निभाते हुए एक नया कानून तैयार किया जा रहा है और ऐसे मामलों की सुनवाई व समाधान के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था बनाई जा रही है। छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के दौरान दी गई सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया जा रहा है। गिरिराज सिंह ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जब यह संकट पहली बार उत्पन्न हुआ था और प्रधानमंत्री परीक्षाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में जुटे थे, उस दौरान ये विपक्षी नेता विदेश यात्राओं पर थे। उन्होंने कहा कि छात्रों ने कभी इन नेताओं को अपना प्रतिनिधि स्वीकार नहीं किया है, इसलिए अब उनका यह हंगामा पूरी तरह बेवजह है।
बिहार में छात्र आंदोलन और उपद्रवी तत्वों की संलिप्तता
बिहार बंद के दौरान छात्रों के विरोध प्रदर्शनों में हुई पुलिस फायरिंग की खबरों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य प्रशासन के कदमों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकार क्षेत्र में रहकर आवश्यक कार्रवाई की है। यद्यपि प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों के निलंबन जैसी कदम उठाए गए हैं, लेकिन यदि गहराई से निष्पक्ष जांच की जाए तो यह स्पष्ट होता है कि इन प्रदर्शनों में ऐसे कई लोग शामिल थे जो छात्र नहीं थे।
अपने दावे के समर्थन में उन्होंने एक घटना का स्मरण कराया जिसमें एक पुलिस स्टेशन पर बम फेंका गया था। गिरिराज सिंह ने बताया कि इस प्रकार के गैर-छात्र उपद्रवियों ने शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों में घुसपैठ की और हिंसक गतिविधियां फैलाकर विद्यार्थियों को बदनाम करने का काम किया। छात्र स्वयं इस आपराधिक साजिश से अनजान थे, लेकिन अब जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनभावनाओं और जनता की मांगों के अनुरूप बिहार सरकार ने पारदर्शी और सख्त कदम उठाए हैं। इस विषय पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक्स पर विवरण उपलब्ध कराया गया।
हिंदू समाज पर टिप्पणी और सपा नेतृत्व पर सीधा निशाना
संसदीय विवाद से पूर्व बेगूसराय के अपने पांच दिवसीय दौरे के समय गिरिराज सिंह ने समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली द्वारा दिए गए उस बयान पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, जिसमें उन्होंने हिंदू समाज को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। गिरिराज सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली हों या पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, हिंदू समुदाय को लेकर इस प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य है।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज केवल उन तत्वों के लिए सख्त या नुकसानदेह है जो कट्टरपंथी मानसिकता रखते हैं, जो देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं, या जो धार्मिक स्थलों का दुरुपयोग करके भारत को विभाजित करने की बातें करते हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि जावेद अली ऐसे बयान अखिलेश यादव की शह और राजनीतिक शह पर दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को इस तरह की विभाजनकारी राजनीति का भारी खामियाजा आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व में पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरना प्रदर्शन के दौरान उठाए गए अपने राजनीतिक मुद्दों और आरोपों की भी चर्चा की।



















