केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें आतंकी करार दिया है। गिरिराज सिंह का आरोप है कि महबूबा मुफ्ती ने अपने पूरे राजनीतिक करियर के दौरान हमेशा आतंकवादियों का ही समर्थन किया है और उनका साथ निभाया है।
गिरिराज सिंह का बयान और गठबंधन का जिक्र
गिरिराज सिंह ने महबूबा मुफ्ती की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, "महबूबा मुफ्ती तो आतंकी है, उ सब दिन आतंकियों का साथ दी।" उनका कहना था कि महबूबा मुफ्ती की सोच और कार्यशैली में कभी भी राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने अतीत के राजनीतिक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक समय उनकी पार्टी ने महबूबा मुफ्ती के साथ मिलकर सरकार चलाई थी। उनका कहना था कि साथ रहने के दौरान उन्हें सुधारने और सही दिशा में लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन जब कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने उस गठबंधन को समाप्त करने का निर्णय लिया।
जम्मू-कश्मीर की राजनीति और सुरक्षा स्थिति
यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थितियों, मुठभेड़ों और आतंकी घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी चरम पर है। हाल के महीनों में गांदरबल और डोडा जैसे क्षेत्रों में हुई सैन्य कार्रवाइयों के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है।
घाटी में प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने और पहलगाम जैसे क्षेत्रों में प्रशासनिक व सुरक्षा स्तर पर किए गए बदलावों के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसी क्षेत्रीय पार्टियां जहां विभिन्न सुरक्षा कार्रवाइयों और मुठभेड़ों पर सवाल उठाती रही हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता उन पर सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने और आतंकवाद के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते रहे हैं।



















