सीमावर्ती जिले अमृतसर में सुरक्षा तंत्र को सतर्क करते हुए पुलिस ने गैरकानूनी असलहे और विस्फोटकों के एक गुप्त नेटवर्क को ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की है। इस विशेष अभियान के तहत एक शख्स को दबोचा गया, जिसके कब्जे से घातक एके-47 असॉल्ट राइफल, दो जिंदा हथगोले, राइफल की मैगजीन और कारतूस बरामद किए गए हैं। सीमा पार से खतरनाक साजो-सामान मंगाकर पंजाब में फैलाने की कोशिशों पर इस जब्ती को बड़ा झटका माना जा रहा है।
अमृतसर ग्रामीण पुलिस का लक्षित अभियान
इस पूरी कार्रवाई को अमृतसर ग्रामीण पुलिस की टीम ने सटीक सूचनाओं के आधार पर अंजाम दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इस धरपकड़ की पुष्टि की। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सुरक्षा बलों ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस अवैध नेटवर्क का समय रहते पर्दाफाश कर दिया है। अधिकारी के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति से बरामद सामान अत्यधिक संवेदनशील है, जिससे किसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।
विदेशी तस्करों से जुड़े होने का गहरा संदेह
शुरुआती पड़ताल के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गिरफ्त में आया शख्स विदेशी धरती पर बैठे हथियार तस्करों के सीधे संपर्क में था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सरहद पार और अन्य देशों में मौजूद सिंडिकेट के इशारे पर ही इस तरह के घातक हथियार हासिल किए जा रहे थे। इस नेटवर्क का काम विदेशी आकाओं से मिले दिशा-निर्देशों के तहत हथियारों को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाना और आगे सप्लाई करना था। विदेशी हैंडलरों और स्थानीय गुर्गों का यह गठजोड़ जांच एजेंसियों की प्राथमिक निगरानी में है।
घरिंडा थाने में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
इस पूरे मामले में अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी पर शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की विशेष टीमें अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि यह असॉल्ट राइफल और ग्रेनेड किस मार्ग से भारत में दाखिल हुए थे और इनकी अंतिम डिलीवरी किसे दी जानी थी। इसके साथ ही आरोपी के मोबाइल संपर्कों, इंटरनेट कॉल्स और सीमा पार सक्रिय सहयोगियों का ब्योरा खंगाला जा रहा है।
नेटवर्क की बाकी कड़ियों तक पहुंचने की कवायद
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच का मुख्य दायरा केवल इस एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मॉड्यूल को जड़ से खत्म करना है। इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों की पहचान की जा रही है ताकि उन तक भी कानून का शिकंजा पहुंच सके। पुलिस इस संवेदनशील पहलू की भी गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल पंजाब में किसी सुनियोजित आपराधिक वारदात या अशांति फैलाने के लिए किया जाना था।
सरहद पार के सिंडिकेट से निपटने की लगातार चुनौती
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विदेशी तस्करों और स्थानीय अपराधियों की सांठगांठ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। बाहर बैठे हैंडलर स्थानीय युवाओं और अपराधियों को जरिया बनाकर आधुनिक हथियार भेजने की फिराक में रहते हैं। जांच एजेंसियां लगातार ऐसे स्थानीय नेटवर्क और विदेशी संपर्कों के बीच के संवाद तंत्र को भेदने में जुटी हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही साजिशों को निष्प्रभावी किया जा सके।























