पंजाब के तरनतारन जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सीमा पार करने की कोशिश कर रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को मार गिराया। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने सीमा क्षेत्र में असामान्य हलचल देखी थी। जवानों ने हालात भांपते हुए फौरन चौकसी बढ़ा दी और आगे बढ़ रहे संदिग्धों को रुकने के लिए कड़ा निर्देश दिया।
चेतावनी अनसुनी करने पर जवानों ने की जवाबी कार्रवाई
अधिकारियों के विवरण के अनुसार, सीमा रक्षकों ने संदिग्धों को कई बार रुकने की चेतावनी जारी की। बार-बार आगाह करने के बावजूद दोनों व्यक्ति भारतीय क्षेत्र की ओर लगातार बढ़ते चले गए। जवानों ने जब देखा कि वे रुकने के बजाय नजदीक आ रहे हैं और उनसे संभावित खतरा पैदा हो गया है, तब उन्होंने गोलियां चला दीं। इस त्वरित सैन्य कार्रवाई में दोनों संदिग्ध मौके पर ही मारे गए। इस मुठभेड़ के तुरंत बाद पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय लागू कर दिए गए हैं।
शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया
मारे गए दोनों व्यक्तियों की पहचान तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी है। सुरक्षा बल के जवानों ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों शव स्थानीय पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस प्रशासन अब शवों का पोस्टमॉर्टम करवा रहा है और उनकी वास्तविक पहचान जुटाने में लगा है। इसके साथ ही विभिन्न जांच एजेंसियां यह सुराग तलाशने में जुटी हैं कि दोनों किस इरादे से भारतीय सीमा में घुसने का प्रयास कर रहे थे और इसके पीछे क्या वजहें थीं।
सुरक्षा बलों का साझा अभियान और फ्लैग मीटिंग की तैयारी
इस पूरे मामले की अग्रिम तफ्तीश बीएसएफ और पंजाब पुलिस के आपसी तालमेल से आगे बढ़ाई जा रही है। घटना से संबंधित सभी तकनीकी और जमीनी पहलुओं की गहन पड़ताल चल रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सीमा पर हुई इस मुठभेड़ को लेकर बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के अधिकारियों के बीच जल्द ही एक संयुक्त बैठक होने की संभावना है, जिसमें सीमा उल्लंघन और इस घटना से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाया जाएगा। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां मृतकों की पहचान और घुसपैठ के पीछे की पूरी साजिश को बेनकाब करने में जुटी हैं। अमृतसर सीमा पर भी पिछले साल एक घुसपैठिए को जवानों ने ऐसी ही नापाक कोशिश करते हुए मार गिराया था।





















