पंजाब के जलालाबाद कस्बे में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए कुछ मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) कार्यालय के निकट अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। शाम के वक्त लाल बत्ती चौक की दिशा से 3-4 बाइकों पर सवार होकर पहुंचे हथियारबंद युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। गोली चलाने के फौरन बाद कुछ युवक पुलिस उपाधीक्षक के दफ्तर परिसर में भी घुस गए, जहां मुस्तैद पुलिस बल ने त्वरित घेराबंदी करते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक गैरकानूनी.32 बोर की पिस्टल भी जब्त की है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार
सिटी जलालाबाद थाने की पुलिस ने घटनास्थल से पकड़े गए दोनों युवकों की आधिकारिक पहचान उजागर कर दी है। इनमें से एक आरोपी का नाम सोना सिंह उर्फ सोनू है, जो अमीर खास इलाके का रहने वाला है। वहीं, दूसरा पकड़ा गया आरोपी आकाश है, जिसके पिता का नाम परमजीत है और वह थाना वैरोका इलाके से ताल्लुक रखता है। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से.32 बोर की एक अवैध पिस्तौल बरामद हुई है। सिटी जलालाबाद थाना प्रभारी मोहित धवन ने घटना का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस नियंत्रण को शाम के समय सूचना मिली थी कि लाल बत्ती चौक के पास 3-4 दोपहिया वाहनों पर संदिग्ध युवक मंडरा रहे हैं और वे डीएसपी दफ्तर की तरफ बढ़ रहे हैं। इसके कुछ ही पलों बाद वहां गोली चलने की आवाज गूंजी, जिस पर पुलिस ने बिजली जैसी तेजी दिखाते हुए मौके से दो युवकों को पकड़ लिया।
वारदात में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं
थाना प्रभारी के मुताबिक अब तक एक राउंड गोली चलाए जाने की औपचारिक रिपोर्ट सामने आई है, हालांकि फॉरेंसिक टीम और जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि बरामद पिस्तौल से ही यह गोली दागी गई थी या किसी अन्य हथियार का प्रयोग हुआ था। मौके का फायदा उठाकर फरार होने वाले बाकी हमलावरों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। शुरुआती पड़ताल के अनुसार हमलावर मोटरसाइकिल सवार कुछ युवक दूसरी बाइक पर जा रहे दो अन्य व्यक्तियों का पीछा करते हुए आ रहे थे। जैसे ही दोनों पक्ष डीएसपी कार्यालय के करीब पहुंचे, पीछा कर रहे युवकों ने उन पर निशाना साधते हुए गोली चला दी। राहत की बात यह रही कि इस अचानक हुई गोलीबारी में किसी भी व्यक्ति को गोली नहीं लगी और न ही कोई हताहत हुआ। पुलिस ने मौके से खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाकर जांच टीम को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की है।
मंदिर प्रबंधन विवाद और संपत्ति के कानूनी पहलुओं की जांच
पुलिस अधिकारियों की प्रारंभिक पड़ताल में इस हिंसक टकराव के पीछे एक धार्मिक स्थल का विवाद उभर कर सामने आया है। शुरुआती जांच संकेत दे रही है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े आंतरिक मनमुटाव, आपसी रंजिश और मंदिर की बेशकीमती जमीन पर दुकानों के निर्माण को लेकर चल रहा झगड़ा इस वारदात का मुख्य कारण हो सकता है। पुलिस अब मंदिर ट्रस्ट के ढांचे, उसकी संपत्ति के स्वामित्व और निर्माण से संबंधित कानूनी दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल कर रही है। इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड में जुए या अवैध सट्टेबाजी से जुड़ी किसी पुरानी लिखित शिकायत के मौजूद होने से अधिकारियों ने इनकार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना के सभी पहलुओं और लगाए जा रहे आरोपों की सत्यता परखी जा रही है ताकि शेष फरार आरोपियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।



















