पंजाब में जालंधर और फगवाड़ा की सीमा पर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के विशाल परिसर में देर रात अचानक भारी हंगामा खड़ा हो गया। परिसर के भीतर एक छात्रा के साथ किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने की खबर आग की तरह फैल गई, जिसके बाद हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित युवाओं ने यूनिवर्सिटी के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह बेअसर कर दिया और विरोध जताने के लिए परिसर में प्रदर्शनी के लिए रखे गए भारतीय वायुसेना के मिग-23 लड़ाकू विमान और थल सेना के टैंकों पर चढ़कर जोरदार नारेबाजी की।
सैन्य टैंकों पर चढ़कर किया विरोध और परिसर में हुई तोड़फोड़
देर रात शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर गया। हॉस्टल के आसपास जमा हुई छात्रों की भीड़ ने सुरक्षा घेरों को तोड़ दिया। सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय परिसर में लगे मिग-23 लड़ाकू विमान और सैन्य टैंकों के ऊपर चढ़ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस घटना से जुड़े कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुए हैं, जिनमें छात्रों के बड़े समूह को हंगामा करते देखा जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा। इमारतों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए, गमले फोड़ दिए गए और परिसर के कुछ हिस्सों में आगजनी की घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा परिसर के भीतर बनी कुछ दुकानों में भी तोड़फोड़ की खबर सामने आई है। इस अचानक उत्पन्न हुई स्थिति से निपटने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
छात्रा के आरोप और पुलिस की कानूनी कार्रवाई
हंगामा मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल के पास रात करीब 1 बजे शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि 24 सितंबर को हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की घटना हुई थी। छात्रों का आरोप है कि इस वारदात में परिसर के भीतर कार्यरत कोई प्लंबर या कंस्ट्रक्शन वर्कर शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित छात्रा ने हॉस्टल वार्डन को पूरी आपबीती बताई थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई त्वरित कदम नहीं उठाया गया, जिससे छात्रों में असंतोष पनप गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में कुछ अफवाहों के फैलने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, "हमने उन छात्रों से बात की जिन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायतें थीं, और अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।" वहीं जालंधर रेंज के पुलिस उपनिरीक्षक नवीन सिंगला ने पुष्टि की कि पुलिस ने संबंधित छात्रा का बयान दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया, "हमें छात्रा का बयान मिल गया है, और इस आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।"
यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जसपाल सिंह संधू ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "पुलिस ने छात्रों के आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।" आधिकारिक बयानों के लिए सोशल मीडिया संदेश के जरिए भी स्थिति स्पष्ट की गई है।
प्रबंधन का खंडन और हॉस्टल की छात्राओं का बयान
एक तरफ जहां छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा, वहीं लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने दुष्कर्म के आरोपों को पूरी तरह सिरे से नकार दिया है। विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि परिसर में किसी भी छात्रा के साथ ऐसी कोई घटना नहीं घटी है। प्रबंधन का कहना है कि यह कुछ असामाजिक तत्वों और निहित स्वार्थ रखने वाले लोगों द्वारा फैलाई गई मनगढ़ंत अफवाह है, जिसका उद्देश्य संस्थान की छवि को धूमिल करना है।
रजिस्ट्रार ने गर्ल्स हॉस्टल 3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं का एक वीडियो भी जारी किया। इस वीडियो में छात्राओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके कमरे या उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, जैसा कि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है। छात्राओं ने अपील की कि जांच के नाम पर बार-बार आकर उन्हें परेशान न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके साथ कोई भी गलत बात होती, तो वे सबसे पहले अपने माता-पिता को इस बारे में सूचित करतीं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।



















