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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में उपेक्षा पर जताई नाराजगी, अकाली दल से गठबंधन की दी सलाहपंजाब
26 सित॰ 2026, 7:23 am (14 मिनट पहले)· 0

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में उपेक्षा पर जताई नाराजगी, अकाली दल से गठबंधन की दी सलाह

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में सलाह न लिए जाने को लेकर असंतोष व्यक्त किया है, हालांकि उन्होंने कांग्रेस में लौटने की चर्चाओं को खारिज किया।

पंजाब की राजनीति में छह दशक से अधिक का समय बिता चुके पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी में अपनी वर्तमान स्थिति को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने खुलकर कहा कि सितंबर 2022 में पार्टी की सदस्यता लेने के बाद से पंजाब से जुड़े मामलों पर उनसे उस गंभीरता के साथ विचार-विमर्श नहीं किया गया, जैसी उन्हें अपेक्षा थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस उपेक्षा के बावजूद फिलहाल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापस जाने की उनकी कोई योजना नहीं है।

पंजाब के मामलों पर उपेक्षा का अहसास

नई दिल्ली में शुक्रवार को राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर पूछे गए प्रश्नों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने लंबे सफर का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अपने छह दशकों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने पंजाब की सियासत के अनेक उतार-चढ़ाव बहुत नजदीक से देखे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि वह अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो सीमावर्ती राज्य की नब्ज पहचानते हैं, बल्कि उनके साथ ऐसे कई वरिष्ठ सहयोगी हैं जो पंजाब की जटिल परिस्थितियों की गहरी समझ रखते हैं। इसके बावजूद एक ऐसा दौर भी आया जब महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णयों में उनसे सामान्य सलाह तक नहीं ली गई।

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चार साल के सफर का मूल्यांकन और राय रखने का हक

भाजपा में अपने लगभग चार साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस पूरी अवधि में उन्होंने वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब का बाशिंदा होने के नाते राज्य के हितों और समस्याओं पर अपने विचार रखना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी स्वतंत्र राय व्यक्त करने का यह मतलब बिल्कुल नहीं निकाला जाना चाहिए कि वह संगठन का साथ छोड़ रहे हैं। जब कोई वरिष्ठ नेता किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है, तो यह स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि नीतिगत मामलों में उसकी राय को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के हर मसले के सर्वज्ञ होने का दावा नहीं करते, लेकिन राज्य की वास्तविक जमीनी स्थिति को बहुत अच्छी तरह समझते हैं।

दलबदल का इतिहास और चुनावी मैदान से दूरी

कांग्रेस में वापसी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए 84 वर्षीय नेता ने अपने पुराने राजनीतिक निर्णयों का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार की घटना के बाद उन्होंने कांग्रेस से त्यागपत्र देकर अकाली दल का दामन थामा था और बाद के वर्षों में वह पुनः कांग्रेस में लौटे थे। उनका कहना था कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार दलों में बदलाव होता रहा है, किंतु इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि वह मौजूदा समय में भाजपा को अलविदा कहकर किसी अन्य दल की ओर देख रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि चुनावी मैदान में सीधे उतरने के उनके दिन अब व्यावहारिक रूप से समाप्त हो चुके हैं।

2027 के चुनाव और पुराने गठबंधन की पैरवी

आगामी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक समीकरण साझा किए। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में यह तय कर पाना मुश्किल है कि किस दल का पलड़ा भारी रहेगा। राज्य में सत्ता हासिल करने की रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने भाजपा को अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ दोबारा गठबंधन करने की पुरजोर सलाह दी। उनके अनुसार, यदि भाजपा पंजाब में पूर्ण बहुमत की स्थिर सरकार बनाना चाहती है, तो उसे अकाली दल के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने के विकल्प पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस खुले असंतोष के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगस्त माह में दी गई एक टिप्पणी भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सोशल मीडिया पर एक संवाद के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा में मौजूद नेताओं में से कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा नेता बताया था और उनके साथ काम करने के पुराने अनुभवों का उल्लेख किया था। हालांकि, कैप्टन ने अपनी ओर से पुरानी पार्टी में लौटने की संभावनाओं को पूरी तरह नकार दिया है।

सवाल-जवाब

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा को लेकर क्या नाराजगी जताई है?
उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 में पार्टी में शामिल होने के बाद से पंजाब से जुड़े मामलों पर उनसे उस तरह सलाह नहीं ली गई जैसी वह अपेक्षा करते थे।
क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह दोबारा कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं?
नहीं, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि फिलहाल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटने की उनकी कोई योजना नहीं है।
क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे?
84 वर्षीय नेता ने स्पष्ट किया है कि चुनाव लड़ने के उनके दिन अब व्यावहारिक रूप से खत्म हो चुके हैं।
पंजाब चुनाव 2027 को लेकर कैप्टन ने भाजपा को क्या सुझाव दिया?
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि भाजपा राज्य में सरकार बनाना चाहती है, तो उसे अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए।
राहुल गांधी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर क्या कहा था?
अगस्त में सोशल मीडिया पर एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने भाजपा में अपने पसंदीदा नेता के रूप में कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया था।
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