पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के परिसर में रविवार तड़के उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए, जब सोशल मीडिया के जरिए एक मनगढ़ंत और झूठी खबर तेजी से फैल गई। इस अपुष्ट सूचना के कारण बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर निकल आए और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय के भीतर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे शैक्षणिक माहौल कुछ समय के लिए पूरी तरह अशांत हो गया।
घटना के तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से स्थिति को स्पष्ट करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने मीडिया और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर भ्रामक और असत्य अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि इन बातों का वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है और इनका एकमात्र उद्देश्य शिक्षण संस्थान की शांति और उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना है।
छात्रों का प्रदर्शन और सड़क जाम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक महिला छात्रा के साथ कथित अनहोनी की झूठी जानकारी प्रसारित होने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित विद्यार्थियों ने न केवल परिसर के भीतर हंगामा किया, बल्कि जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी उतर आए और यातायात को कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित कर दिया। सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस को इस बात की जानकारी मिलते ही तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा।
कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने पूरी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस दल को रात में करीब 1:45 बजे छात्रों के एकत्र होने और मार्ग जाम किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित किया। बातचीत के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कामकाज से जुड़ी कुछ अपनी आंतरिक शिकायतें और समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं।
तोड़फोड़ और भारी पुलिस बल की तैनाती
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए, जिनमें परिसर की खिड़कियों के कांच टूटे हुए, पौधे के गमले बिखरे हुए और कुछ जगहों पर आगजनी के निशान दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इन वीडियो के आधार पर सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचे नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और यह स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल विश्वविद्यालय के चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को दोबारा उभरने से रोका जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से बार-बार यह अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की सनसनीखेज या बिना पुष्टि वाली जानकारियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से मिलने वाले अपडेट पर ही ध्यान दें।





















