पंजाब में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक कांग्रेस पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने पहले पार्षद की मोटरसाइकिल का काफी दूर तक पीछा किया और मौका मिलते ही उन पर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में पार्षद की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद हमलावर वारदात को अंजाम देकर तुरंत फरार हो गए।
दुस्साहसिक वारदात और इलाके में दहशत
यह वारदात उस समय हुई जब कांग्रेस पार्षद अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे। रास्ते में पहले से ताक लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उनकी बाइक का पीछा करना शुरू कर दिया। सुनसान जगह मिलते ही हमलावरों ने बाइक रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हुए, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। स्थानीय लोगों की मदद से घायल नेता को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच और आसपास के इलाकों में सुरक्षा सख्त
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की आला टीम मौके पर पहुँची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। शुरुआती पड़ताल के बाद हमलावरों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस स्थानीय रंजिश और राजनीतिक रंजिश समेत सभी संभावित पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है।
स्थानीय नेताओं पर बढ़ते हमलों की घटनाएं
हाल के दिनों में स्थानीय स्तर के राजनीतिक प्रतिनिधियों पर जानलेवा हमलों के मामले सामने आए हैं। लुधियाना में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष परमिंदर तिवाड़ी की हत्या का मामला भी सुर्खियों में रहा था, जहाँ हमलावरों ने उन पर घातक हथियारों से हमला किया था। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस नेता प्रकाश सिंह कश्यप की हत्या का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पंजाब में पार्षद की इस ताजा हत्या के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।



















