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राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, इस तारीख से फिर बरसेंगे बदराराजस्थान
30 अग॰ 2026, 6:08 am (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून, इस तारीख से फिर बरसेंगे बदरा

राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से मौसम शुष्क हो गया है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

राजस्थान में मानसून का जोर इन दिनों कुछ कम पड़ गया है और अगस्त महीने के अंतिम चरण में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश इलाकों में मौसम मुख्य रूप से साफ और सूखा बना रहेगा। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ चुनिंदा स्थानों पर स्थानीय बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 30 अगस्त को उदयपुर संभाग में छिटपुट जगहों पर बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के बड़े हिस्से में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने के आसार हैं। फिलहाल प्रदेश के किसी भी जिले के लिए कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसमी परिदृश्य में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

श्रीगंगानगर में सबसे अधिक तापमान दर्ज

बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के मौसम का मिजाज मिलाजुला रहा। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में जहां हल्की बौछारें पड़ीं, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जिलों में आसमान साफ रहा और धूप खिली रही। इस दौरान राज्य भर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 40.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे गर्मी का अहसास फिर से बढ़ने लगा है। प्रदेश भर में औसत आर्द्रता का स्तर 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के दायरे में बना हुआ है। मौसम विभाग के आगामी एक सप्ताह के पूर्वानुमान पर नजर डालें तो बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के ज्यादातर इलाकों में मानसून की सक्रियता कमजोर रहने की उम्मीद है। इस समयावधि में पूर्वी राजस्थान के केवल कुछेक स्थानों पर ही छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।

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30 अगस्त को मौसम की स्थिति

शुक्रवार यानी 30 अगस्त को लेकर जो पूर्वानुमान सामने आया है, उसके मुताबिक पूर्वी राजस्थान के केवल उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में ही बारिश होने की संभावना बन रही है, हालांकि पूरे संभाग में एक जैसी बारिश के आसार नहीं हैं। इसके विपरीत जयपुर, कोटा और भरतपुर समेत अन्य पूर्वी जिलों में व्यापक और झमाझम बारिश का फिलहाल कोई अनुमान नहीं है। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, चूरू, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर जैसे सभी प्रमुख जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क ही बना रहेगा। इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं या कहीं-कहीं बहुत हल्की फुहारें गिर सकती हैं, लेकिन किसी बड़े बारिश के दौर की उम्मीद नहीं की जा रही है।

सितंबर की शुरुआत में बदलेगा मिजाज

राज्य में एक सितंबर तक मौसम आमतौर पर शांत और सामान्य बने रहने के आसार हैं। हालांकि एक सितंबर की दोपहर के बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के वायुमंडलीय बदलाव साफ तौर पर दिखाई देने लगेंगे। इसके बाद दो सितंबर से सात सितंबर के बीच दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ खास इलाकों में अपेक्षाकृत तेज बौछारें भी गिर सकती हैं। इसके अलावा डीडवाना-कुचामन, सीकर, चूरू, दक्षिण-पूर्वी बीकानेर और पाली जिले के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। चार सितंबर से सात सितंबर के दरमियान बीकानेर और जोधपुर संभाग के अलग-अलग इलाकों में छिटपुट खंड बारिश हो सकती है, हालांकि इन संभागों के अधिकांश बड़े हिस्से में मौसम सामान्य ही बना रहेगा।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर

मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार 29 अगस्त की शाम को उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय इलाकों के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो चुका था। इस मौसमी तंत्र से जुड़ा एक चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। जानकारों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले 48 घंटों के भीतर और अधिक मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना और बांका से होते हुए सीधे इस निम्न दबाव के क्षेत्र तक गुजर रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस सक्रिय मौसमी सिस्टम के आगे बढ़ने से सितंबर के शुरुआती दिनों में राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर से तेजी आ सकती है।

सवाल-जवाब

राजस्थान में वर्तमान में मानसून की स्थिति कैसी है?
राजस्थान में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ गई है और अगले कुछ दिनों तक अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
राज्य में सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज किया गया?
राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
30 अगस्त को किस संभाग में बारिश के आसार हैं?
30 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
राजस्थान में बारिश का अगला दौर कब से शुरू हो सकता है?
आईएमडी के अनुसार 2 से 7 सितंबर के बीच दक्षिण-पूर्वी और मध्य राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का राजस्थान के मौसम पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के आगे बढ़ने से सितंबर की शुरुआत में राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 मिनट पहले

यद्यपि यह मौसम विज्ञान से जुड़ा विषय है, किंतु मानसून के कमजोर पड़ने और शुष्क मौसम के दौरान बढ़ते तापमान (श्रीगंगानगर में 40.3 डिग्री) से जनजीवन और सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों का आकलन करना आवश्यक है। सितंबर के शुरुआती दिनों में संभावित बारिश से स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर भी नजर रखी जानी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·33 मिनट पहले

मानसून के इस ठहराव से उपजी गर्मी और आर्द्रता केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी एक संवेदनशील स्थिति है। खासकर पश्चिमी राजस्थान में 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता तापमान और बारिश की कमी से फसलों की जल-मांग बढ़ जाती है। सितंबर के पहले सप्ताह में संभावित मानसूनी गतिविधियों के लौटने से पहले, स्थानीय प्रशासन को पेयजल आपूर्ति और कृषि क्षेत्रों में बिजली की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसानों और आम नागरिकों को इस शुष्क अवधि में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

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