पंजाब के मोगा जिले में सत्तर साल के एक वृद्ध पति-पत्नी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए हथियारबंद लुटेरों के मंसूबों को नाकाम कर दिया। बाघापुराना इलाके के अंतर्गत घोलिया गांव से कालेके मार्ग की ओर जाते समय सुनसान मोड़ पर तीन हथियारबंद युवकों ने इस बुजुर्ग युगल को घेर लिया था। बदमाश उनसे नकदी और कागजात छीनने का प्रयास करने लगे, लेकिन भयभीत होने के बजाय दंपती ने हमलावरों का डटकर सामना किया।
सुनसान रास्ते पर घेराबंदी और तीखी झड़प
पीड़ित बलविंदर सिंह उर्फ बिंदर अपनी पत्नी के साथ निजी काम से जा रहे थे। उनके पास आवश्यक दस्तावेजों के अलावा लगभग 20 हजार रुपये की नकदी मौजूद थी। रास्ते में घात लगाकर बैठे तीन सशस्त्र लड़कों ने उन्हें जबरन रोक लिया और छीना-झपटी शुरू कर दी। बुजुर्ग दंपती ने बिना किसी हिचकिचाहट के चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया और खाली हाथ ही बदमाशों से उलझ गए। पीड़ितों के इस आक्रामक तेवर की लुटेरों को कतई उम्मीद नहीं थी, जिससे वे घबरा गए।
धान के कीचड़ भरे खेत में पीछा कर दबोचा
बुजुर्गों के जोरदार प्रतिरोध को देखकर दो हमलावर तो तुरंत मौके से भाग निकले। तीसरा साथी बचने के लिए सड़क किनारे स्थित धान के खेत में जा घुसा और छिपने लगा। इस पर बुजुर्ग महिला ने हिम्मत नहीं हारी और कीचड़ व घनी फसल की परवाह किए बिना दौड़कर उसे खेत के भीतर ही जकड़ लिया। बुजुर्गों का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी तेजी से मौके पर एकत्रित हो गए और पकड़े गए बदमाश को काबू में कर लिया गया। बाद में घटना का एक वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म्स पर भी सामने आया, जिसमें दंपती उस बदमाश को पकड़े नजर आ रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस, फरार साथियों की तलाश जारी
बाघापुराना पुलिस स्टेशन के एसएचओ जनक राज ने जानकारी दी कि इंटरनेट पर प्रसारित फुटेज के जरिए पुलिस को इस वारदात का पता चला। पकड़े गए हमलावर की शिनाख्त फुलेवाला निवासी राजदीप सिंह उर्फ राजू के तौर पर की गई है। मामले में शामिल अन्य दो भागे हुए आरोपियों में से एक फुलेवाला का गुरविंदर सिंह है, जबकि दूसरा आरोपी समाध भाई का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379-B के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों फरार साथियों की धरपकड़ के लिए विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उन्हें जल्द हिरासत में ले लिया जाएगा।



















