राजस्थान के धौलपुर जिले के पुरा सिकरौदा गांव में सामने आए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि आठ साल के सनी और छह साल के मानस की जान किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके अपने ही चाचा विष्णु ने ली थी। दोनों मासूम बच्चों की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस दिल दहला देने वाली वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद और घर के सदस्यों के बीच बोलचाल बंद होने की बात सामने आई है। दो छोटे बच्चों की मौत और उसके बाद आरोपी चाचा द्वारा खुदकुशी किए जाने के इस खौफनाक घटनाक्रम ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना से पहले का पूरा सफर
पुलिस के सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बीती 20 अक्टूबर की सुबह विष्णु अपनी बहन के ससुराल आंक का पुरा गया हुआ था। वहां से वापस लौटने के तुरंत बाद वह अपने दोनों भतीजों, आठ साल के सनी और छह साल के मानस को अपने साथ लेकर खेतों की तरफ निकल पड़ा। घर के सदस्यों को इस बात की बिल्कुल भनक नहीं थी कि बच्चों को साथ ले जाने के बाद क्या खौफनाक षड्यंत्र रचा जा रहा है। परिवार के अपने ही खून पर इस तरह का जानलेवा हमला होने से पूरा परिवार और आस-पड़ोस के लोग स्तब्ध रह गए हैं।
पारिवारिक अनबन और बढ़ता तनाव
पुलिस की विस्तृत जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि इस वीभत्स घटना के मूल में पारिवारिक विवाद और आपसी संवादहीनता थी। वारदात को अंजाम देने से कुछ ही समय पहले विष्णु की फोन पर अपनी भाभी से तीखी बातचीत हुई थी। इस फोन कॉल के दौरान दोनों के बीच काफी तनाव पैदा हो गया था, जिसके बाद हालात पूरी तरह बिगड़ गए। हालांकि पुलिस की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि फोन पर आखिर क्या बातचीत हुई थी और वह विवाद किस गंभीर मुद्दे पर था, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि घर में चल रहा मनमुटाव इस पूरी त्रासदी की एक बड़ी वजह बना।
बाबू चौराहे पर नाश्ता और खेत का रास्ता
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि विष्णु बच्चों को घर से सीधे खेत पर नहीं ले गया था। रास्ते में उसने बाबू चौराहे पर रुककर दोनों बच्चों को नाश्ता कराया और उसके बाद उन्हें एकांत खेतों की तरफ ले गया। किसी भी परिजन के लिए यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि जो चाचा बच्चों को प्यार से नाश्ता कराने के लिए बाहर ले जा रहा है, वही कुछ ही देर बाद उनकी जिंदगी छीन लेगा। बच्चों का अपने चाचा के साथ इस तरह बाहर जाना और फिर कभी वापस न लौट पाना परिवार के लिए असहनीय दुख बन गया है।
शराब के नशे में अंजाम दिया खौफनाक कृत्य
पुलिस के खुलासे के अनुसार, खेत पर पहुंचने के बाद आरोपी विष्णु ने पहले जमकर शराब पी और फिर अत्यंत क्रूरता से दोनों मासूमों की गला दबाकर हत्या कर दी। सनी की उम्र महज आठ साल और मानस की उम्र केवल छह साल थी। इतनी कम उम्र के दो मासूम बच्चों की बेरहमी से ली गई जान ने पूरे इलाके के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इस जघन्य कृत्य को अंजाम देने के बाद विष्णु ने खुद भी कानून के शिकंजे या अपराध के बोध से बचने के लिए आत्महत्या का रास्ता चुन लिया। उसने खेत पर ही एक पेड़ से रस्सी का फंदा बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
पुरा सिकरौदा में पसरा सन्नाटा और दहशत
बीती 20 अक्टूबर की इस घटना ने धौलपुर के पुरा सिकरौदा गांव की शांत आबोहवा को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए हर पहलू की गहराई से जांच की और इस तिहरे हत्याकांड की परतें उधेड़ दीं। इस दर्दनाक घटना का सबसे वीभत्स पहलू यह है कि मरने वाले दोनों बच्चे बेहद छोटे थे। समाज में जिन मासूमों को परिवार के भीतर सबसे सुरक्षित होना चाहिए था, उन्हीं की सांसें घर के ही एक सदस्य ने हमेशा के लिए रोक दीं।
पुलिस जांच के मुख्य निष्कर्ष
पुलिस की अब तक की आधिकारिक जांच में कई अहम कड़ियां जुड़ चुकी हैं। बीती 20 अक्टूबर की सुबह बहन के ससुराल आंक का पुरा से लौटने के बाद विष्णु ने बच्चों को साथ लिया, उन्हें बाबू चौराहे पर नाश्ता कराया और खेतों की तरफ ले गया। भाभी के साथ फोन पर हुए तनावपूर्ण संवाद के तुरंत बाद उसने शराब के नशे में आठ साल के सनी और छह साल के मानस की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने स्वयं पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जिससे एक ही परिवार में तीन मौतें हो गईं।



















