धनतेरस के पावन पर्व पर अजमेर के निवासियों को सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। स्थानीय नागरिकों और ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सफर को बेहद आसान बनाने के उद्देश्य से सड़कों पर 20 नई प्रधानमंत्री ई-बसों का संचालन आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नौसर स्थित ई-बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर इन सभी बसों को रवाना किया। इन आधुनिक बसों के सड़कों पर उतरने से अजमेर के परिवहन तंत्र को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है। सबसे खास पहलू यह है कि इस नई परिवहन सुविधा का लाभ केवल शहरी सीमाओं तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों को भी जोड़ा गया है, जिससे वहां की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा। इस पहल से उन तमाम आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी जो रोजाना अपनी नौकरी, व्यवसाय, पढ़ाई या अन्य आवश्यक कार्यों के सिलसिले में गांवों से शहर की ओर आते-जाते हैं।
आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का विस्तार
इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विस्तार से बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के जरिए अजमेर की पूरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अत्याधुनिक और पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल बनाया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पूरे अजमेर शहर में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे पहले इस योजना के प्रथम चरण के तहत 5 बसों का सफल संचालन पहले ही शुरू किया जा चुका था। अब इस कड़ी में 20 नई बसों को और शामिल कर लिया गया है, जिससे इस बेड़े का दायरा काफी बढ़ गया है। आने वाले समय में जैसे-जैसे शेष इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा, वैसे-वैसे अजमेर शहर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन का यह नेटवर्क और अधिक मजबूत तथा व्यापक हो जाएगा।
पीपीपी मॉडल के जरिए हो रहा बसों का संचालन
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का मूल उद्देश्य देश के शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। इन सभी बसों का संचालन पीपीपी मॉडल के तहत किया जा रहा है, जिससे संचालन व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इन इलेक्ट्रिक बसों के सड़कों पर आने से पेट्रोलियम उत्पादों जैसे पेट्रोल और डीजल पर देश की निर्भरता को कम करने में काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा, पारंपरिक ईंधन से चलने वाले अन्य भारी वाहनों की तुलना में ये बसें प्रदूषण फैलाने का काम नहीं करतीं, जिससे पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी भरपूर सहयोग मिलेगा। इन तमाम खूबियों के साथ आमजन को एक बेहद किफायती और आरामदायक यात्रा का बेहतरीन विकल्प भी मिल रहा है.
आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सुविधाओं से लैस हैं बसें
यात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा और उनकी यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए इन नई ई-बसों के भीतर आधुनिक स्तर के तमाम इंतजाम किए गए हैं। वातानुकूलित श्रेणी की इन बसों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि सफर के दौरान हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा किसी भी तरह की आगजनी जैसी आपात स्थिति से सख्ती से निपटने के लिए अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली को भी जोड़ा गया है, साथ ही फौरन सहायता पहुंचाने के लिए इमरजेंसी बटन की सुविधा भी दी गई है। समाज के दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा का विशेष ख्याल रखा गया है, जिसके तहत बसों में चढ़ने और उतरने के लिए ऑटोमैटिक गेट लगाए गए हैं। वातानुकूलन की सुविधा होने के कारण यात्रियों को किसी भी मौसम में बेहद सुहाना और आरामदायक सफर नसीब होगा.
करोड़ों की लागत से तैयार हुआ आधुनिक डिपो और चार्जिंग स्टेशन
इन इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू और बिना किसी बाधा के संचालन के लिए अजमेर के नौसर घाटी इलाके में एक आधुनिक ई-बस डिपो और अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है। लगभग 15 करोड़ रुपये की भारी लागत खर्च करके तैयार किए गए इस विशेष डिपो में बसों की चार्जिंग, उनकी नियमित देखरेख और तकनीकी रखरखाव से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बसों के सुचारू संचालन में यह चार्जिंग स्टेशन सबसे अहम भूमिका निभाएगा क्योंकि यहीं पर इन्हें चार्ज करने के साथ-साथ समय पर उनकी सर्विसिंग भी की जा सकेगी। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान महापौर अनामिका शर्मा, रमेश सोनी, उपायुक्त महावीर सिंह और भरत राज गुर्जर सहित प्रशासन और शहर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

















