दीपोत्सव के इस पावन पर्व पर अपनों के संग त्योहार की खुशियां बांटने के लिए लोगों का सैलाब सड़कों और पटरियों पर उमड़ पड़ा है। कोटा शहर में घर लौटने की चाहत और पर्व मनाकर कार्यस्थलों की तरफ वापस आने वाले मुसाफिरों के कारण चौतरफा आवाजाही तेज हो गई है। आम दिनों की तुलना में शहर के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर लोगों का जमावड़ा कई गुना बढ़ चुका है। त्योहार की छुट्टियों का लाभ उठाकर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी और व्यवसायी अपने परिवार के पास ग्रामीण इलाकों और अन्य शहरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं, जिससे पूरे शहर की परिवहन व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
बस स्टैंड पर उमड़ा मुसाफिरों का हुजूम
कोटा के केंद्रीय बस स्टैंड पर सुबह से लेकर देर रात तक मुसाफिरों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पर्व के मौके पर बस डिपो में पैर रखने की जगह नहीं बची है और सीटों की उपलब्धता के लिए यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। विशेष रूप से निकटवर्ती कस्बों, गांवों और सुदूर ग्रामीण अंचलों की ओर जाने वाली गाड़ियों में चढ़ने के लिए भारी होड़ मची है। कई परिवार अपने छोटे बच्चों और भारी सामान के साथ प्लेटफार्म पर खड़े होकर अपनी निर्धारित बस के आने की प्रतीक्षा करते दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों की इस अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से अतिरिक्त बसों का बेड़ा मैदान में उतारा है, जिससे विभिन्न रूटों पर फेरों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में बढ़ा लोड
सड़क परिवहन के समान ही कोटा रेलवे स्टेशन पर भी भारी गहमागहमी बनी हुई है। विभिन्न दिशाओं से आने और जाने वाली रेलगाड़ियों में भारी भीड़ सफर कर रही है। प्लेटफार्मों पर हर समय सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही जारी है, जिसके कारण टिकट काउंटरों और प्रवेश द्वारों पर नियमित निगरानी रखनी पड़ रही है। ट्रेनों में कन्फर्म सीटों की भारी किल्लत और लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए रेल प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। लंबी दूरी और क्षेत्रीय रूटों की प्रमुख गाड़ियों में अतिरिक्त कोच जोड़कर क्षमता का विस्तार किया गया है, ताकि अधिक से अधिक प्रतीक्षारत यात्रियों को बर्थ और बैठने की जगह उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षित यात्रा के प्रबंध
त्योहार के दौरान सफर को सुगम और सुरक्षित बनाने के मकसद से राज्य परिवहन विभाग और रेलवे प्रशासन मिलकर विशेष प्रबंधों को अमलीजामा पहना रहे हैं। परिवहन विभाग ने जहां विभिन्न रूटों पर अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित कर यात्रियों को फौरी राहत देने का काम किया है, वहीं रेलवे द्वारा लगाए गए अतिरिक्त कोचों से आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियों के यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। इन सभी समन्वित प्रयासों का मुख्य लक्ष्य भीड़ को व्यवस्थित ढंग से गंतव्य तक पहुंचाना और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचाव करना है। दीपोत्सव के उल्लास के बीच कोटा के परिवहन केंद्रों पर दिखी यह भीड़ साफ दर्शाती है कि लोग त्योहार की खुशियां अपने परिजनों के साथ साझा करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।




















