धौलपुर जिले के पचगांव में अवैध पटाखों की मौजूदगी और उसमें अचानक आग लग जाने के बाद स्थानीय पुलिस ने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस दुर्घटना में तीन महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक महिला की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि इस हादसे से ठीक पहले पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा चुके थे।
महज 15 दिन के भीतर हुई थी दो बड़ी कार्रवाई
पुलिस जांच और खुलासे के अनुसार, इस पूरे हादसे से जुड़े दो मुख्य नाम असगर और चांद खां सामने आए हैं। इन दोनों के खिलाफ पिछले 15 दिनों के अंदर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की थी। इसके बावजूद पचगांव में अवैध पटाखों का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी रहा, जिसका नतीजा इस खतरनाक अग्निकांड के रूप में सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछली दो बड़ी कार्रवाइयों के बाद भी आखिर कैसे गांव के भीतर अवैध पटाखों का भंडारण और निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो गया था।
20 अक्टूबर को असगर के पास से जब्त हुए थे 15 किलो पटाखे
रिकॉर्ड के मुताबिक, पचगांव के इस मामले से जुड़े असगर के खिलाफ पुलिस ने बीती 20 अक्टूबर को पहली बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। उस दौरान पुलिस ने उसके ठिकाने से छापेमारी करते हुए करीब 15 किलोग्राम बारूद से युक्त अर्धनिर्मित पटाखे बरामद किए थे। इस जब्ती के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम यानी एक्सप्लोसिव एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। स्थानीय पुलिस का मानना था कि इस सख्त कार्रवाई के बाद अवैध गतिविधियों पर लगाम लग जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
25 अक्टूबर को चांद खां के कब्जे से पकड़े गए थे 14 किलो पटाखे
महज पांच दिन बाद ही, यानी 25 अक्टूबर को पुलिस ने पचगांव में एक और दूसरी बड़ी कार्रवाई की थी। इस बार पुलिस के हाथ चांद खां लगा, जिसके कब्जे से लगभग 14 किलोग्राम हस्तनिर्मित पटाखे जब्त किए गए थे। असगर की तरह ही चांद खां के खिलाफ भी विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई थी। अधिकारियों को उम्मीद थी कि इन दोनों लगातार छापों से अवैध कारोबारियों में खौफ पैदा होगा, लेकिन महज पंद्रह दिनों के भीतर ही यह उम्मीदें धरी की धरी रह गईं।
दो बार पुलिस रेड के बाद भी नहीं रुका अवैध कारोबार
पुलिस के शुरुआती खुलासों में यह बात सबसे ज्यादा हैरान करने वाली है कि 20 और 25 अक्टूबर को हुई लगातार कार्रवाइयों के बावजूद पचगांव में विस्फोटक सामग्री का खेल थमा नहीं। पंद्रह दिन के भीतर दो बार पुलिस की रेड पड़ने के बाद भी स्थानीय स्तर पर अवैध पटाखों का काम चुपचाप चलता रहा। आज जब अचानक इन पटाखों में आग भड़की, तो इसकी चपेट में आकर तीन महिलाएं बुरी तरह झुलस गईं। अचानक हुए इस हादसे से पूरे गांव में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद घायलों को फौरन चिकित्सीय सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया।
ताजा घटना के बाद पुलिस ने फिर की भारी जब्ती
इस गंभीर हादसे के तुरंत बाद धौलपुर पुलिस ने एक बार फिर पचगांव में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अब पहले की गई दोनों कार्रवाइयों और आज सामने आए ताजा तथ्यों को आपस में जोड़कर मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। 20 अक्टूबर को असगर से मिले 15 किलो बारूद और 25 अक्टूबर को चांद खां से पकड़े गए 14 किलो पटाखों के बावजूद इस तरह दोबारा आग लगना और महिलाओं का घायल होना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रहार है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
























