अलवर जिले के टोडियार गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब स्थानीय लोगों ने रिहायशी इलाके के एकदम करीब एक विशालकाय अजगर को घूमते हुए देखा। इस अजगर की लंबाई लगभग 15 फीट थी और इसका वजन करीब 30 से 40 किलोग्राम आंका गया। इतने बड़े और भारी-भरकम सांप को अपनी बस्तियों के इतने पास पाकर ग्रामीणों के होश उड़ गए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोगों को इस बात का लगातार डर सता रहा था कि कहीं यह खतरनाक अजगर किसी रिहायशी घर के अंदर घुसकर कोई बड़ा नुकसान न पहुंचा दे। हालांकि इस मुश्किल घड़ी में ग्रामीणों ने घबराने के बजाय अपनी सूझबूझ और समझदारी का परिचय दिया और बिना किसी देरी के तुरंत वन्यजीव बचाव दल को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी। समय रहते उठाए गए इस कदम के कारण एक बड़ा संकट टल गया और विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया।
घटना के समय टोडियार गांव के तमाम लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक किसी की नजर इस भारी-भरकम जीव पर पड़ी। अजगर के विशाल शरीर को देखकर लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आबादी के इतने नजदीक जंगली जीव के आ जाने से लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई थीं, क्योंकि इस तरह के हालात में किसी भी अनहोनी की आशंका हमेशा बनी रहती है। गनीमत यह रही कि स्थानीय लोगों ने पैनिक होने के बजाय पूरी तरह सतर्कता बरती और वन्यजीव रेस्क्यू टीम से संपर्क साधा। ग्रामीणों की इसी तत्परता की वजह से बचाव अभियान समय रहते शुरू हो पाया और संभावित खतरे को समय पर काबू कर लिया गया।
गुजारिश एक पहल संस्था के रेस्क्यूर्स ने संभाला मोर्चा
अजगर के देखे जाने की सूचना मिलते ही गुजारिश एक पहल संस्था के अलवर रेस्क्यूर्स ग्रुप ने तुरंत एक्शन लेते हुए मोर्चा संभाल लिया। यह टीम वन विभाग के पूरे सहयोग के साथ घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन का आगाज किया। इतने बड़े आकार और भारी वजन वाले अजगर को पकड़ना अपने आप में एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसके लिए अत्यधिक सावधानी और तकनीकी अनुभव की जरूरत थी। बचाव दल के प्रशिक्षित सदस्यों ने पूरी एकाग्रता और मुस्तैदी के साथ काम करते हुए अजगर को बिना किसी प्रकार का नुकसान पहुंचाए नियंत्रित कर लिया। इस पूरे अभियान के दौरान वन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों का भी पूरा सहयोग मिला, जिससे यह जटिल ऑपरेशन पूरी तरह सफल साबित हुआ।
सुरक्षित प्राकृतिक पर्यावास में छोड़ा गया अजगर
सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद इस विशालकाय अजगर को इंसानी आबादी से काफी दूर एक सुरक्षित प्राकृतिक पर्यावास में ले जाकर छोड़ दिया गया। इस सुरक्षित रिलीज के बाद टोडियार गांव के लोगों ने चैन की सांस ली और राहत महसूस की। समय पर सूचना मिलने और रेस्क्यू टीम की चुस्ती के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को होने से रोक लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया है कि जब भी कोई वन्यजीव रिहायशी बस्तियों के नजदीक आ जाए, तो जनता को घबराने या खुद उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय हमेशा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम और संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करना चाहिए। इस तरह के खतरनाक जीवों को अकेले पकड़ने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए सूझबूझ और समय पर दी गई सूचना ही इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा के लिए सबसे प्रभावी और जरूरी उपाय है।

















