राजस्थान के अलवर शहर में आमतौर पर स्थानीय चुनावों के समय राजनेता विकास और नागरिक सुविधाओं के लंबे-चौड़े वादे लेकर जनता के दरवाजे पहुंचते हैं। हालांकि, अलवर नगर निगम के वार्ड नंबर 33 में इस बार चुनावी माहौल में एक बिल्कुल अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है। यहां के निवासियों ने किसी स्थापित नेता के बजाय अपने ही मोहल्ले के एक ऐसे युवक को पार्षद का चुनाव लड़ाने का मन बनाया है, जो पिछले करीब एक साल से बिना किसी सरकारी पद, मानदेय या राजनीतिक महत्वाकांक्षा के हर सुबह अपने हाथ से वार्ड की सड़कों की सफाई करता आ रहा है।
सुबह 6:30 बजे से शुरू होती है निस्वार्थ जनसेवा
अलवर के वार्ड 33 में रहने वाले विपिन का पूरा दिन बेहद अनुशासित दिनचर्या से बंधा हुआ है। वे रोज सुबह लगभग साढ़े 6 बजे हाथ में झाड़ू थामकर अपने घर से निकल पड़ते हैं। इसके बाद वे एक-एक करके 100 से भी अधिक मकानों के सामने की गलियों और मुख्य रास्तों से गंदगी हटाते हैं। कचरा और गोबर उठाने के साथ-साथ वे आसपास के लोगों को अपने परिसर को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक भी करते हैं। सुबह की सफाई का काम पूरा करने के बाद वे अपनी आजीविका चलाने के लिए डिस्पोजल सामान की सप्लाई के काम पर निकल जाते हैं।
नारनौल से ही मन में रचा-बसा है स्वच्छता का संकल्प
विपिन की सफाई के प्रति यह लगन केवल अलवर तक सीमित नहीं है। इससे पहले वे हरियाणा के नारनौल में निवास करते थे और वहां भी अपने मोहल्ले में इसी प्रकार खुद झाड़ू लगाया करते थे। उनकी मां याद करती हैं कि जब विपिन ने पहली बार दूसरों के दरवाजों के सामने से गंदगी और गोबर उठाना शुरू किया था, तो उन्होंने उसे कई बार मना किया था। इसके बावजूद विपिन ने अपना काम बंद नहीं किया और अपनी मां से कहा कि आसपास पसरी गंदगी देखकर उनसे चुप नहीं बैठा जाता। उनकी मां के अनुसार विपिन स्वभाव से अत्यंत सरल हैं और आज पूरा वार्ड उनके साथ खड़ा है।
पानी के संकट और नागरिक समस्याओं में रहते हैं आगे
वार्ड के निवासी गिरिराज सिंह बताते हैं कि नगर निगम के सरकारी सफाईकर्मचारी आएं या न आएं, विपिन रोज सुबह बिना किसी स्वार्थ के झाड़ू लगाने पहुंच जाते हैं। केवल सफाई ही नहीं, बल्कि जब भी वार्ड में पीने के पानी की किल्लत होती है या कोई अन्य सार्वजनिक समस्या आती है, विपिन सबसे पहले लोगों की मदद के लिए तैयार रहते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विपिन का सहज और मिलनसार व्यवहार ही उन्हें अन्य लोगों से अलग बनाता है, जिसके कारण पूरा मोहल्ला उनका सम्मान करता है।
स्थानीय निवासियों और महिलाओं ने लिया पार्षद बनाने का निर्णय
मोहल्ले की रहने वाली पूनम यादव का कहना है कि अपने परिवार के लिए तो हर व्यक्ति काम करता है, लेकिन विपिन पूरे वार्ड को ही अपना परिवार मानकर सेवा करते हैं। एक अन्य स्थानीय महिला कौशल्या देवी के अनुसार विपिन बेहद ईमानदार और व्यावहारिक युवक हैं। वार्ड की महिलाओं ने एकजुट होकर यह तय कर लिया है कि इस बार वे विपिन को ही अपना पार्षद चुनेंगी। लोगों का मानना है कि जो व्यक्ति बिना किसी पद के इतना काम कर सकता है, वह प्रतिनिधि बनने के बाद पानी और सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता से हल कराएगा। विपिन भी जनता के इस विश्वास को अपनी सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं।





















