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राजस्थान के घड़ी लज्जा गांव में खस्ताहाल सड़क और जलभराव से 50 से अधिक गांवों की आवाजाही ठप, ग्रामीण हलकानराजस्थान
28 अग॰ 2026, 10:35 am (1 घंटे पहले)· 2

राजस्थान के घड़ी लज्जा गांव में खस्ताहाल सड़क और जलभराव से 50 से अधिक गांवों की आवाजाही ठप, ग्रामीण हलकान

राजस्थान के धौलपुर जिले स्थित घड़ी लज्जा गांव में पिछले दो वर्षों से मुख्य सड़क की बदहाली और नालियों के अभाव में डेढ़ फीट तक भरे पानी ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। 50 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित बाड़ी उपखंड की सहरौली ग्राम पंचायत अंतर्गत घड़ी लज्जा गांव के लोग पिछले दो वर्षों से बेहद नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव से गुजरने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से उखड़कर बदहाल हो चुकी है। जगह-जगह बने विशाल और जानलेवा गड्ढे बारिश के मौसम में पानी से लबालब भर जाते हैं। जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को गड्ढों की वास्तविक गहराई का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे इस मार्ग पर आए दिन गंभीर हादसे हो रहे हैं और स्थानीय लोग चोटिल हो रहे हैं।

नालियों की नाकामी और डेढ़ फीट तक भरा गंदा पानी

घड़ी लज्जा गांव में बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जल निकासी के लिए कोई भी सुदृढ़ अथवा व्यवस्थित तंत्र मौजूद नहीं है। गांव की पुरानी नालियां पूरी तरह से जाम और बंद पड़ी हुई हैं। इसके परिणामस्वरूप, बारिश का पानी और घरों से निकलने वाला गंदा पानी गलियों से बहता हुआ सीधे मुख्य रास्ते पर आकर एकत्र हो जाता है। कई स्थानों पर तो स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि सड़क पर लगभग डेढ़ फीट तक पानी जमा हो जाता है। पानी के नीचे छिपे हुए गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए काल साबित हो रहे हैं, क्योंकि सड़क से गुजरते समय बाइक और स्कूटर सवार अचानक संतुलन खोकर पानी से भरे गड्ढों में गिर पड़ते हैं।

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50 से अधिक गांवों की लाइफलाइन पर लगा ब्रेक

इस मार्ग की महत्ता और दुर्दशा पर प्रकाश डालते हुए स्थानीय निवासी छोटू राम शर्मा ने बताया कि घड़ी लज्जा गांव से होकर जाने वाली यह सड़क केवल एक ग्रामीण रास्ता नहीं है, बल्कि यह सैपऊ पंचायत समिति को सीधे बसेड़ी उपखंड से जोड़ने वाली एक बेहद अहम कड़ी है। इस मुख्य संपर्क मार्ग से प्रतिदिन छोटे-बड़े सैकड़ों वाहन गुजरते हैं और यह सड़क लगभग 50 से अधिक गांवों की आबादी के आवागमन का मुख्य जरिया है। सड़क के जर्जर होने से पूरी क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीण रामवीर परमार का कहना है कि दुपहिया वाहनों के अलावा कई बार बड़े और भारी वाहन भी इन गहरे गड्ढों में फंसकर बंद हो जाते हैं। ऐसे में गाड़ियों को निकालने के लिए ग्रामीणों को आपस में मिलकर घंटों कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

मासूमों की पढ़ाई पर संकट और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश

सड़क पर बने गड्ढों और फैले पानी का सबसे दर्दनाक असर गांव के छोटे स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। इसी रास्ते से होकर बच्चे रोजाना अपने सरकारी स्कूल तक की दूरी तय करते हैं। लबालब भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण कई बार मासूम बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े पूरी तरह खराब हो जाते हैं और वे शारीरिक रूप से चोटिल हो जाते हैं। दुर्घटना का शिकार होने के बाद कई बच्चे बिना स्कूल पहुंचे ही घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं। प्रशासन के रवैये से नाराज स्थानीय नागरिक गुड्डू ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस विकट समस्या के प्रति पूरी तरह बेपरवाह हैं। जब भी शिकायत की जाती है, तो मरम्मत के नाम पर सड़क पर महज गिट्टी डलवाकर औपचारिकता निभा दी जाती है। यह गिट्टी पहली ही बारिश या भारी वाहनों की आवाजाही में बह जाती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग की है कि इस रास्ते का पक्का और स्थायी निर्माण कराया जाए तथा नालियों का सुव्यवस्थित निर्माण करके जल निकासी का पक्का समाधान किया जाए।

सवाल-जवाब

घड़ी लज्जा गांव में सड़क की समस्या कितने समय से बनी हुई है?
ग्रामीण पिछले दो वर्षों से जर्जर सड़क और जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।
इस खस्ताहाल सड़क से कुल कितने गांव प्रभावित हो रहे हैं?
यह सड़क सैपऊ पंचायत समिति को बसेड़ी उपखंड से जोड़ती है और इससे 50 से अधिक गांवों का आवागमन सीधे प्रभावित हो रहा है।
जलभराव के कारण सड़क पर पानी का स्तर कितना बढ़ जाता है?
नालियों के बंद होने और जल निकासी न होने के कारण सड़क के कई हिस्सों में लगभग डेढ़ फीट तक पानी भर जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से सड़क के स्थायी पक्के निर्माण और नालियों की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
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