राजस्थान के खैरथल जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले दो शातिर ठगों को स्थानीय पुलिस ने शिकंजे में ले लिया है। यह गिरोह आम नागरिकों को फर्जी साइबर अपराध के मामलों में उलझाने का भय दिखाकर उनसे पैसों की अवैध वसूली करता था। किशनगढ़बास थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों की तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से रंगदारी के पच्चीस हजार रुपये नकद के साथ-साथ अपराध में प्रयुक्त की गई दो मोटरसाइकिलें, जिनमें एक अपाचे और दूसरी स्प्लेंडर प्लस शामिल हैं, अपने कब्जे में ले ली हैं।
घटना का विवरण और मुखबिर की सूचना
यह पूरी वारदात छब्बीस अगस्त की है, जब किशनगढ़बास थाना पुलिस को पुलिस कंट्रोल रूम के जरिए एक संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। कॉलर ने बताया कि नांगल मोजिया गांव के समीप दो संदेहास्पद लोग बाइक के साथ खड़े हैं। जांच में सामने आया कि इन दोनों ने इलाके के एक आम नागरिक को निशाना बनाया और उसके बेटे को किसी गंभीर साइबर अपराध में संलिप्त बताकर गिरफ्तार करने का डर दिखाया। उस पीड़ित को कानूनी शिकंजे से बाहर निकालने की एवज में भारी रकम की मांग की जा रही थी। अपने झूठ को सच साबित करने और पीड़ित को पूरी तरह झांसे में लेने के लिए आरोपियों में से एक ने विशेष रूप से राजस्थान पुलिस की टी-शर्ट पहन रखी थी, जिससे किसी को भी उनके फर्जी होने का शक न हो सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की पहचान
कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने इलाके में तुरंत नाकाबंदी कर दी। प्रशिक्षु आरपीएस एवं किशनगढ़बास थाना प्रभारी नेहा मीणा के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस ने दोनों संदिग्धों को मौके से ही धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अब्दुल और सलीम के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अब्दुल की उम्र अट्ठाइस वर्ष है और वह शहीद का पुत्र है तथा नांगल मोजिया का ही रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी सलीम छ्त्तीस वर्ष का है, जो सरीफ का बेटा है और साधूका गांव का निवासी है जो किशनगढ़बास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध धंधे में उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
उच्च अधिकारियों का मार्गदर्शन और ऑपरेशन की सफलता
इस पूरे सफल ऑपरेशन को अंजाम देने के पीछे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कड़ी निगरानी और सटीक निर्देश रहे हैं। यह कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और खैरथल-तिजारा जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के दिशा-निर्देशों के तहत पूरी की गई। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयासिंह तथा किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के करीबी पर्यवेक्षण में किशनगढ़बास थाना पुलिस की पूरी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस ठग गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन आरोपियों ने इससे पहले कितने अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है।



















