झारखंड के धनबाद जिले में वासेपुर के भगौड़े अपराधी प्रिंस खान के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने दस्तक दी है। जांच एजेंसी की टीम प्रिंस खान के सीमा पार यानी पाकिस्तान से जुड़े संभावित संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही है। इस सिलसिले में एनआईए अधिकारियों की टीम ने धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार से मुलाकात की और मामले से जुड़े तकनीकी व खुफिया इनपुट साझा किए। जांच के केंद्र में प्रिंस खान का पूरा आर्थिक सिंडिकेट और उसके स्थानीय मददगार हैं।
पाकिस्तान लिंक और वासेपुर नेटवर्क की जांच
एनआईए की टीम धनबाद और वासेपुर इलाके में सक्रिय प्रिंस खान के कथित मददगारों, गुर्गों और उसके पुराने संपर्कों का ब्योरा खंगाल रही है। केंद्रीय एजेंसी मुख्य रूप से उसके वित्तीय तंत्र, अवैध संपत्ति और पैसों के लेनदेन के रास्तों की तहकीकात कर रही है। जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर है कि देश से बाहर बैठकर वह अपना गिरोह कैसे संचालित कर रहा है और उसके आर्थिक तार किन-किन माध्यमों से जुड़े हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
उद्योगपति से 5 करोड़ रुपये और मासिक रंगदारी की मांग
एनआईए की दबिश के बीच प्रिंस खान का एक नया कारनामा सामने आया है, जहां उसने व्हाट्सएप मैसेज भेजकर धनबाद के एक प्रमुख उद्योगपति से भारी-भरकम रंगदारी मांगी है। निरसा क्षेत्र के कुमारडूबी स्थित 'अंकुर बायो केमिकल' फैक्टरी के मालिक अंकुर शर्मा को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर एकमुश्त 5 करोड़ रुपये और हर महीने 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई है। इतना ही नहीं, प्रिंस खान ने अंकुर शर्मा के बिजनेस पार्टनर सुनील साहू को भी इसी तरह का धमकी भरा संदेश भेजा है, जिससे क्षेत्र के व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है।
व्हाट्सएप मैसेज में बदला धमकी का लहजा
इस बार भेजे गए रंगदारी के मैसेज की सबसे खास बात इसका बदला हुआ लहजा है। इसमें पूर्व की तरह सीधे तौर पर गोली मारने या नुकसान पहुंचाने की धमकी देने के बजाय 'सहायता' और 'सहयोग' मांगने जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। मैसेज में लिखा गया है कि धनबाद में कहीं भी निर्भीक होकर व्यापार करें, कोई परेशानी नहीं होगी। इसके आगे तर्क दिया गया है कि गिरोह चलाने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, क्योंकि लगभग 200 लड़के जेल में बंद हैं। उनकी देखभाल, दैनिक खर्चों और वकीलों की भारी-भरकम फीस के लिए बड़ी धनराशि चाहिए। मैसेज में यह भी कहा गया कि आपका कारोबार अरबों का है, इसलिए आपको गिरोह के संचालन में सहयोग करना चाहिए।
पुलिस प्रशासन अलर्ट, जांच में जुटीं कई सुरक्षा एजेंसियां
व्हाट्सएप पर रंगदारी और धमकी भरा मैसेज मिलने के तुरंत बाद पीड़ित व्यवसायी ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ स्पेशल ब्रांच और अन्य केंद्रीय व राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस मैसेज के स्रोत और प्रिंस खान के मददगारों का सुराग लगाने में जुट गई हैं। पुलिस तकनीकी सर्विलांस का सहारा लेकर मामले की गहन छानबीन कर रही है।





















