झीलों की नगरी के रूप में प्रसिद्ध उदयपुर आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए भारतीय रेलवे की तरफ से एक बेहतरीन सौगात सामने आ रही है। गुजरात के असारवा से उदयपुर सिटी के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू होने जा रहा है, जिससे दोनों प्रमुख शहरों की दूरियां कम समय में तय की जा सकेंगी और सफर बेहद आरामदायक हो जाएगा। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से गुजरात की तरफ से उदयपुर आने वाले पर्यटकों के आंकड़ों में उल्लेखनीय इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है। उदयपुर आने वाले सैलानी आमतौर पर यहां की विश्व प्रसिद्ध झीलों, ऐतिहासिक सिटी पैलेस, पिछोला झील, फतेहसागर झील और सज्जनगढ़ जैसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों की सैर करते हैं, जिन्हें अब इस ट्रेन के जरिए और भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
ट्रेन का शेड्यूल और संचालन
उदयपुर और असारवा के बीच चलने वाली इस वंदे भारत एक्सप्रेस का आधिकारिक शुभारंभ 16 फरवरी को तय किया गया है। शुरुआत में उद्घाटन वाले दिन यह ट्रेन उदयपुर सिटी से दोपहर 12.25 बजे अपनी यात्रा शुरू करेगी और शाम 6.15 बजे असारवा पहुंचेगी। इसके बाद नियमित सेवाओं का संचालन 18 फरवरी से शुरू होगा, जो हफ्ते में मंगलवार का दिन छोड़कर बाकी सभी दिन रोजाना संचालित की जाएगी। नियमित सारणी के अनुसार उदयपुर-असारवा ट्रेन सुबह 6.10 बजे रवाना होकर 10.25 बजे असारवा पहुंचेगी। वहीं वापसी की दिशा में असारवा-उदयपुर ट्रेन शाम 5.45 बजे चलकर रात 10 बजे उदयपुर वापस पहुंचेगी।
गुजरात के पर्यटकों के लिए सफर होगा आसान
राजस्थान के सबसे लोकप्रिय और प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शुमार उदयपुर में हर साल पड़ोसी राज्य गुजरात से भारी तादाद में पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं। इस नई वंदे भारत सेवा के शुरू होने से अहमदाबाद और उदयपुर के दरमियान सफर का कुल समय तो घटेगा ही, साथ ही यात्रियों को एक आधुनिक, तेज और अत्यधिक सुविधाजनक रेल विकल्प भी मिल जाएगा। सप्ताहांत यानी वीकेंड, छुट्टियों और विभिन्न त्योहारों के दौरान गुजरात से आने वाले सैलानियों के लिए यह ट्रेन बेहद मुफीद साबित होगी। इस ट्रेन के मुख्य ठहराव हिम्मतनगर, डूंगरपुर और जावर जैसे क्षेत्र रखे गए हैं, जिससे इन इलाकों से आने वाले मुसाफिरों को भी उदयपुर के पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए शानदार कनेक्टिविटी हासिल होगी और दक्षिणी राजस्थान के साथ गुजरात के व्यापारिक व पर्यटक संबंध मजबूत होंगे।
पर्यटन के साथ व्यापार को भी मिलेगा प्रोत्साहन
यह नई रेल सेवा केवल पर्यटकों के आने-जाने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे उदयपुर और अहमदाबाद के बीच व्यापारिक, औद्योगिक और तमाम व्यावसायिक गतिविधियों को भी एक नई गति मिलने की पूरी संभावना है। गुजरात के रहने वाले लोगों के लिए उदयपुर अब एक आदर्श वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में पहले से कहीं अधिक आकर्षक बन जाएगा। इसके अलावा उदयपुर के स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े विभिन्न सेक्टरों जैसे होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियां, टैक्सी संचालक और शहर के स्थानीय बाजारों को भी पर्यटकों की इस बढ़ी हुई आवाजाही से सीधा और बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं कोच
इस नई वंदे भारत ट्रेन में कुल 8 कोच तय किए गए हैं, जिनमें 7 एसी चेयर कार और 1 एग्जीक्यूटिव एसी चेयर कार शामिल हैं। ट्रेन के भीतर यात्रियों के सफर को बेहद आरामदायक बनाने के लिए आधुनिक रिक्लाइनिंग सीटें, हर सीट के पास मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, आधुनिक बायो-टॉयलेट, स्वचालित दरवाजे और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी जैसी तमाम उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। गौरतलब है कि उदयपुर-जयपुर और उदयपुर-आगरा वंदे भारत सेवाओं के बंद होने के बाद इसी रैक या ट्रेन को अब उदयपुर-असारवा रूट पर स्थानांतरित कर चलाया जा रहा है। गुजरात से संचालित होने वाली यह कुल छठी वंदे भारत ट्रेन होगी, जिसे उदयपुर के पर्यटन परिदृश्य में एक बेहद महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी के तौर पर देखा जा रहा है।



















