जोधपुर के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। अब लंबी दूरियों का सफर तय करने वाले मुसाफिरों की यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक होने जा रही है। रेलवे प्रशासन की तरफ से लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत जोधपुर मंडल से ताल्लुक रखने वाली तीन जोड़ी प्रमुख ट्रेनों को अब पूरी तरह से इलेक्ट्रिक इंजनों के सहारे संचालित किया जाएगा। इस बड़े बदलाव के बाद रास्ते में ट्रेन का इंजन बदलने में लगने वाला अतिरिक्त समय बचेगा और रेल परिचालन भी कहीं अधिक बेहतर ढंग से हो सकेगा। खास बात यह है कि इस कदम से न सिर्फ यात्रियों के बहुमूल्य समय की भारी बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा।
चरणबद्ध तरीके से शुरू हुआ ट्रेनों का संचालन
रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 16587/16588 यशवंतपुर-बीकानेर-यशवंतपुर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर शिफ्ट किया जा रहा है। बीकानेर से इस गाड़ी का संचालन 1 सितंबर से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ शुरू कर दिया गया है, जबकि यशवंतपुर की तरफ से यह ट्रेन 4 सितंबर से बिजली वाले इंजन के साथ पटरियों पर दौड़ेगी। इसी कड़ी में ट्रेन संख्या 22497/22498 श्रीगंगानगर-तिरुच्चिराप्पल्लि-श्रीगंगानगर हमसफर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी शामिल किया गया है। श्रीगंगानगर से यह सुपरफास्ट गाड़ी 31 अगस्त से ही इलेक्ट्रिक इंजन से चलना आरंभ हो चुकी है, जबकि तिरुच्चिराप्पल्लि से इसका इलेक्ट्रिक संचालन 4 सितंबर से अमल में लाया जाएगा।
बाड़मेर और यशवंतपुर के बीच चलने वाली एसी एक्सप्रेस भी सूची में शामिल
इस बदलाव के दायरे में सिर्फ एक्सप्रेस और हमसफर ट्रेनें ही नहीं, बल्कि एसी सेवा भी शामिल है। ट्रेन संख्या 14805/14806 यशवंतपुर-बाड़मेर-यशवंतपुर साप्ताहिक एसी एक्सप्रेस भी अब डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक इंजन के माध्यम से चलाई जाएगी। यह एसी ट्रेन अपने निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बाड़मेर से 3 सितंबर को और यशवंतपुर से 7 सितंबर को इलेक्ट्रिक इंजन के साथ अपनी यात्रा पर रवाना होगी। रेलवे अधिकारियों का इस बारे में कहना है कि जिन चुनिंदा रूटों पर पहले डीजल और इलेक्ट्रिक इंजनों को आपस में बदलने की अनिवार्यता बनी रहती थी, वहां अब इस प्रक्रिया में लगने वाला वक्त पूरी तरह बच जाएगा। इससे ट्रेनों की समयबद्धता यानी पंक्चुएलिटी में सुधार होगा और पूरे रेल नेटवर्क की परिचालन व्यवस्था और अधिक मजबूत बनेगी।
ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक इंजनों से होने से फॉसिल फ्यूल या डीजल पर रेलवे की निर्भरता में खासी कमी दर्ज की जाएगी। इसके फलस्वरूप जहां एक तरफ कीमती ईंधन की भारी बचत होगी, वहीं दूसरी तरफ हानिकारक प्रदूषण के स्तर को नीचे लाने में भी बड़ी मदद मिलेगी। यानी रेलवे के इस आधुनिक कदम का सीधा और सकारात्मक प्रभाव यात्रियों के आरामदायक सफर से लेकर हमारी आबोहवा तक हर मोर्चे पर दिखाई देगा। जोधपुर मंडल के अंतर्गत विद्युतीकरण का दायरा लगातार तेजी से फैलाया जा रहा है और आने वाले दिनों में और भी कई ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजनों के अधीन किए जाने की पूरी संभावना है। इससे क्षेत्र के रेल यात्रियों को भविष्य में और अधिक तेज, निर्बाध, आरामदायक और पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल रेल यात्रा का अनूठा लाभ प्राप्त हो सकेगा।





















