राजस्थान के करौली जिले में एक परिवार पिछले दो वर्षों से अपने लापता बेटे की वापसी की राह देख रहा है। गोमती कॉलोनी में रहने वाली कमलेश गौड़ का 25 वर्षीय बेटा श्याम सुंदर गौड़ 17 अगस्त 2024 की दोपहर अचानक घर से निकला था और उसके बाद कभी वापस नहीं लौटा। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था, परंतु लंबा समय बीत जाने पर भी जांच एजेंसियों के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। बेटे के अचानक गायब हो जाने से पूरे घर का माहौल गमगीन बना हुआ है और परिजन अनहोनी की आशंकाओं के बीच उम्मीद का दामन थामे हुए हैं।
दरवाजे पर टिकी नजरें और बंद फोन पर बार-बार कॉल
लापता नौजवान की मां कमलेश गौड़ का हर दिन बेटे की प्रतीक्षा में ही कटता है। घर की मुख्य दहलीज पर नजरें गड़ाए बैठी मां को भरोसा है कि किसी रोज उनका बेटा अचानक द्वार पर दस्तक देगा और परिवार का खोया हुआ सुख लौट आएगा। वह अक्सर बेटे की तस्वीर को अपने सीने से लगाए रहती हैं और बस्ती के हर आने-जाने वाले से उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करती हैं। मां का यह दर्द उनकी दिनचर्या में भी झलकता है, जहां वह दिन भर में 10 से 15 बार बेटे के मोबाइल नंबर पर संपर्क साधने का प्रयास करती हैं। सुबह आंख खुलने के बाद और रात को बिस्तर पर जाने से पूर्व उस नंबर को डायल करना उनका नियम बन चुका है, भले ही बीते दो सालों से वह मोबाइल लगातार स्विच ऑफ या नेटवर्क कवरेज क्षेत्र से बाहर आ रहा हो।
17 अगस्त 2024 को क्या हुआ था
परिजनों के अनुसार 17 अगस्त 2024 को दोपहर तकरीबन 2 बजे श्याम सुंदर के फोन की घंटी बजी थी। उस अनजान फोन कॉल पर बात करने के बाद वह कुछ ही पलों में घर से बाहर चला गया। परिजनों का बताना है कि उस रोज उसका आचरण बिल्कुल सामान्य था। वह घर से कुछ देर पहले ही स्थानीय हनुमानजी मंदिर के दर्शन करके लौटा था और परिवार के साथ रक्षाबंधन के आगामी पर्व की तैयारियों में हाथ बंटा रहा था। हालांकि परिवार का यह भी मानना है कि वह अपनी शिक्षा को लेकर कुछ दबाव में जरूर हो सकता था। उसी रात करीब 8 बजे मां से फोन पर उसकी अंतिम बातचीत हुई थी, जिसमें उसने बहुत जल्दी घर लौट आने का आश्वासन दिया था। उस आखिरी कॉल के बाद उसका फोन बंद हो गया और फिर उसकी कोई खोज-खबर नहीं मिल सकी।
बहन की व्यथा और पढ़ाई की पृष्ठभूमि
श्याम सुंदर की छोटी बहन रश्मि गौड़ का कहना है कि भाई के बिना घर के सारे उत्सव और त्योहार फीके पड़ चुके हैं। भाई के गायब होने के बाद से उनकी मां गहरे अवसाद में हैं, दिन भर गुमसुम बैठी रहती हैं और पुराने दिनों को याद कर रो पड़ती हैं। कई बार वह बिना अन्न-जल ग्रहण किए ही सो जाती हैं। परिजनों ने जानकारी दी कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद श्याम सुंदर जयपुर चला गया था, जहां वह सुबोध कॉलेज से बीसीए की डिग्री ले रहा था। छात्र के लापता होने के उपरांत परिजनों ने स्थानीय पुलिस के अलावा जिला प्रशासन और जिला कलेक्टर को भी अनेक ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की, मगर अब तक जांच में कोई प्रगति देखने को नहीं मिली है।
तलाश के बीच साइबर ठगी और आर्थिक संकट
परिवार की आर्थिक स्थिति भी इस त्रासदी के कारण काफी प्रभावित हुई है। श्याम सुंदर के पिता प्रकाश चंद गौड़ और बड़े भाई कपिल गौड़ हैदराबाद में रहकर भवनों में टाइल्स फिटिंग का कार्य करते हैं। बड़े भाई कपिल ने बताया कि छोटे भाई के गायब होने से पूरा परिवार बिखर चुका है और घर में खुशियों का नामोनिशान नहीं रहा। इसी पीड़ा और भागदौड़ के दौरान एक अज्ञात साइबर ठग ने बेटे की सूचना देने का झांसा देकर परिवार से 50 हजार रुपये की ठगी भी कर ली। गंभीर आर्थिक चोट और समय बीतने के बावजूद परिवार ने हार नहीं मानी है। पीड़ित परिजनों ने राजस्थान पुलिस और करौली जिला पुलिस प्रशासन से एक बार फिर प्रार्थना की है कि मामले की सघन जांच कर श्याम सुंदर को सकुशल बरामद किया जाए।

















