राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के अरथूना थाना क्षेत्र के आजना गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना प्रकाश में आई है। यहां एक महिला को भीड़ ने बेरहमी से पीटा, उसके बाल काट दिए और कपड़े तक फाड़ दिए। इस खौफनाक वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। वायरल फुटेज में बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं एक अकेली महिला को घेरे हुए नजर आ रहे हैं, और सार्वजनिक रूप से उसके साथ अत्यंत अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
सात आरोपी हिरासत में
इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुल 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने अब तक इस सिलसिले में सात संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह बर्बर घटना गत 1 सितंबर को आजना गांव में घटित हुई थी, लेकिन इसका वीडियो गुरुवार को सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहा है कि पीड़िता को नंगे पैर गांव की गलियों में घुमाया जा रहा है और उसके साथ डंडों से मारपीट की जा रही है। इसके अलावा, वहां मौजूद कुछ महिलाओं पर भी पीड़िता के कपड़े फाड़ने और उसे अर्धनग्न अवस्था में घुमाने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के समय तमाशबीन बने कई ग्रामीणों ने इस अत्याचार को अपनी आंखों से देखा, जबकि कुछ लोग अपने मोबाइल फोन पर पूरी घटना का वीडियो बनाते रहे लेकिन किसी ने भी उसे बचाने का प्रयास नहीं किया।
पारिवारिक विवाद और पुलिस कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के अनुसार, पीड़िता के पति और उसके कुछ अन्य रिश्तेदारों ने उस पर एक अन्य युवक के साथ घर छोड़कर जाने का संदेह जताया था। हालांकि, जब महिला ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई, तो उसने स्पष्ट किया कि वह केवल उस युवक के साथ मजदूरी करने के लिए गई थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसके पति और परिजनों ने उसे जबरन पकड़ा, उसके बाल काटे, कपड़े फाड़े और भीड़ के सामने उसे बेइज्जत किया। इस प्रताड़ना के बाद उसने थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। अरथूना थाने के थाना प्रभारी विनोद कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार महिला का मेडिकल मुआयना करा लिया गया है और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान भी दर्ज कर लिया गया है ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
मूकदर्शक बनी भीड़ और सुरक्षा पर सवाल
घटना के समय के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीड़िता लगातार खुद को बचाने और हमलावरों से छूटने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन आसपास खड़ी भीड़ में से किसी का भी दिल नहीं पसीजा। लोग तमाशा देखते रहे और कोई भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद से आम नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। मुख्य सवाल यह बना हुआ है कि आपसी विवाद या शक के आधार पर भीड़ ने कानून को अपने हाथ में क्यों ले लिया, और इतनी बड़ी तादाद में लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी ने भी इस क्रूरता को रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। पुलिस अब वीडियो के आधार पर अन्य संलिप्त आरोपियों की पहचान करने में जुटी है ताकि सभी दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।



















