राजस्थान के कोटा जिले से जुड़े बिजौलिया क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां जहरीले सांप के डसने से एक और मासूम की जिंदगी छिन गई। सलावटिया गांव में खेत पर परिवार के साथ मौजूद 5 साल के भागचंद रेगर को सांप ने काट लिया, जिसके बाद कोटा के जेके लोन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
हादसा कैसे हुआ
जानकारी के मुताबिक, सलावटिया गांव के एक खेत में परिवार के लोग कृषि कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान 5 वर्षीय भागचंद खेत की मेड़ पर खेल रहा था। अचानक पीछे से आए एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। सांप के काटने के तुरंत बाद बालक की तबीयत बिगड़ने लगी और खेत में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घरवालों ने बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी।
पहले बिजौलिया, फिर कोटा रेफर
परिजन तुरंत भागचंद को लेकर बिजौलिया के अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक उसका इलाज किया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बालक की बिगड़ती हालत देखकर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए कोटा रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार वाले उसे लेकर कोटा के जेके लोन अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि बेहतर सुविधाओं वाले इस अस्पताल में भागचंद की जान बच जाएगी, लेकिन इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद मासूम को बचाया नहीं जा सका।
घर में पसरा मातम
भागचंद की मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक बच्चे की रौनक थी, वहां अचानक मातम छा गया। परिजन रो-रोकर बेहाल हैं और गांव के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
मानसून में सांप के खतरे से सावधान रहने की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में खेतों और ग्रामीण इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में खेतों में काम करने वाले लोगों के साथ-साथ बच्चों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, सांप के काटने की स्थिति में एक पल भी गंवाए बिना पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी होता है, ताकि समय रहते सही इलाज मिल सके।



















