अगर आप किसी सरकारी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट कराने की योजना बना रहे हैं, तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मौजूदा ब्याज दरें आपके काम की जानकारी हो सकती हैं। यह सरकारी बैंक अपने ग्राहकों को एफडी खातों पर अवधि के हिसाब से 2.70 प्रतिशत से लेकर 7.30 प्रतिशत तक सालाना ब्याज दे रहा है। खास बात यह है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सिर्फ 7 दिन जितनी छोटी अवधि से लेकर 10 साल तक की लंबी अवधि तक के लिए एफडी खाता खुलवाया जा सकता है, यानी ग्राहकों के पास अपनी जरूरत के हिसाब से समय चुनने का पूरा विकल्प है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि इस बैंक में खासतौर पर लोकप्रिय 444 दिनों की एफडी स्कीम पर कितना ब्याज मिल रहा है और वरिष्ठ नागरिकों को इसमें क्या अतिरिक्त फायदे दिए जा रहे हैं।
444 दिन की FD पर मिलेगा इतना ब्याज
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की 444 दिनों वाली एफडी स्कीम में ग्राहकों को उनकी उम्र के हिसाब से अलग-अलग ब्याज दरें दी जा रही हैं। 59 साल तक की उम्र वाले सामान्य ग्राहकों को इस स्कीम पर 6.50 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा। वहीं 60 साल या इससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर बढ़कर 7.00 प्रतिशत हो जाती है, यानी सिर्फ उम्र की वजह से उन्हें आधा प्रतिशत ज्यादा रिटर्न मिल जाता है। 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सबसे ज्यादा 7.25 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहा है, जो इस स्कीम की सबसे ऊंची दर है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी ब्याज दरें केवल 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट पर ही लागू होती हैं, यानी अगर कोई ग्राहक इससे बड़ी रकम जमा करता है तो उसके लिए बैंक अलग दरें तय कर सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है अतिरिक्त फायदा
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अपनी एफडी स्कीमों में वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज देता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद की बचत पर उन्हें बेहतर रिटर्न मिल पाता है। इससे भी एक कदम आगे बढ़कर, सुपर सीनियर सिटीजन्स की कैटेगरी में आने वाले ग्राहकों को सीनियर सिटीजन्स की तुलना में 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दिया जाता है। यानी जमाकर्ता की उम्र जितनी ज्यादा होगी, उसे अपनी बचत पर उतना ही बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि सुपर सीनियर सिटीजन्स को दी जाने वाली ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग होती हैं, इसलिए एफडी खुलवाने से पहले अलग-अलग बैंकों की दरों की आपस में तुलना करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
4 अगस्त को हुआ था ब्याज दरों में बदलाव
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी एफडी स्कीमों की ब्याज दरों में आखिरी बदलाव 4 अगस्त, 2026 को किया था और तभी से ग्राहकों को इन्हीं संशोधित दरों के आधार पर ब्याज दिया जा रहा है। गौरतलब है कि यूनियन बैंक के अलावा देश के बाकी बैंकों में एफडी खातों पर मिलने वाला ब्याज भी भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से तय की जाने वाली रेपो रेट पर काफी हद तक निर्भर करता है। यही वजह है कि जब भी रिजर्व बैंक रेपो रेट में कोई बदलाव करता है, तो ज्यादातर बैंक अपनी एफडी ब्याज दरों में भी उसी अनुरूप फेरबदल करते हैं, जिसका सीधा असर आम जमाकर्ताओं की कमाई पर पड़ता है।



















