जयपुर के आमेर इलाके में पर्यटकों को लेकर गाइड और जीप चालक के बीच शुरू हुई बहस उस वक्त हिंसक हो गई जब जीप चालक ने कथित तौर पर गाइड पर चाकू से वार कर दिया। हमले में गाइड मनीष गंभीर रूप से जख्मी हो गया और उसे तुरंत जयपुर के SMS अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद आमेर किला इलाके में कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, क्योंकि दोनों समुदायों के लोग मौके पर जमा हो गए, हालांकि बाद में स्थिति काबू में आ गई।
बहस कैसे बदली हिंसा में
मिली जानकारी के अनुसार, आमेर किले के पास पर्यटकों को लेकर गाइड मनीष और एक जीप चालक के बीच किसी बात पर तकरार शुरू हुई। शुरुआत में यह सिर्फ कहासुनी तक सीमित थी, लेकिन थोड़ी ही देर में मामला बढ़ गया। इसी बीच जीप चालक ने गाइड मनीष पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल गाइड को संभाला और बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया। मनीष को SMS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।
घटना के बाद जुटी भीड़, दो समुदाय आमने-सामने
चाकूबाजी की खबर फैलते ही आमेर किला क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा होने लगी। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दोनों समुदायों के लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। घटना को लेकर लोगों में साफ नाराजगी दिखी। जैसे ही यह बात सामने आई कि जीप चालक मुस्लिम समुदाय से है, हिंदू समुदाय के लोग भी बड़ी तादाद में वहां जुट गए, जिससे माहौल और संवेदनशील हो गया। हालांकि कुछ ही देर बाद हालात सामान्य होने लगे और इलाके में फिर से शांति लौट आई।
आमेर किले की पर्यटन में अहमियत
आमेर किला जयपुर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और यहां रोजाना बड़ी तादाद में पर्यटक पहुंचते हैं। किले के पास हुई इस घटना और उसके बाद बने तनाव भरे माहौल से कुछ देर के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ वहां घूमने आए पर्यटकों में भी हलचल मच गई। इतने अहम पर्यटन स्थल के करीब हुई इस तरह की घटना ने पूरे इलाके का माहौल कुछ समय के लिए बदल दिया।
अस्पताल में इलाज जारी, वजह अब भी साफ नहीं
घटना के बाद बना तनाव अब पूरी तरह शांत हो चुका है। घायल गाइड मनीष का SMS अस्पताल में इलाज जारी है। बहस किस बात को लेकर शुरू हुई और चाकू से हमला करने के पीछे असल वजह क्या थी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। भीड़ जुटने और दोनों समुदायों के आमने-सामने आने से मामला संवेदनशील जरूर हो गया था, लेकिन हालात बिगड़ने से पहले ही शांति कायम हो गई। फिलहाल आमेर में शांति है और आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है तथा विवाद की पूरी वजह क्या निकलती है, इसका इंतजार बना हुआ है।



















