राजस्थान के उदयपुर जिले में 12वीं की पढ़ाई कर रही 17 साल की एक छात्रा ने एक निर्माणाधीन बिल्डिंग की चौथी मंज़िल से छलांग लगा दी, जिसमें उसकी जान चली गई। छात्रा के बिल्डिंग में घुसने से लेकर छलांग लगाने तक की पूरी घटना पास ही एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, और पुलिस अब इसी फुटेज के सहारे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
स्कूल से सीधे बिल्डिंग पहुंची छात्रा
छात्रा एक प्राइवेट स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ती थी और घटना वाले दिन भी वह आम दिनों की तरह स्कूल गई थी। लेकिन स्कूल की छुट्टी के बाद वह सीधे घर जाने की बजाय उस निर्माणाधीन बिल्डिंग पर पहुंच गई, जो उसकी रोज़ की दिनचर्या से बिल्कुल अलग था और उस वक्त किसी को इसका शक तक नहीं हुआ। बिल्डिंग पर पहुंचकर उसने स्कूटी बाहर खड़ी की और अकेले ही अंदर चली गई। इसके बाद वह सीधे चौथी मंज़िल तक गई और वहां से नीचे कूद गई। छलांग लगाते वक्त उसका शरीर इमारत के एक चबूतरे से टकराया, इसके बाद वह ज़मीन पर आ गिरी। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। घायल छात्रा को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मजदूरों से कहा, बॉल लेने आई हूं
मौके पर पहुंचे थानाधिकारी ने घटना के आखिरी कुछ मिनटों का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि छात्रा अपनी स्कूटी से निर्माणाधीन बिल्डिंग तक पहुंची, स्कूटी बाहर खड़ी की और बिना किसी को शक हुए अंदर जाने लगी। बिल्डिंग में काम कर रहे मजदूरों ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने कहा कि अंदर उसकी बॉल चली गई है और वह सिर्फ उसे लेने जा रही है, यह सुनकर मजदूरों ने उसे आगे जाने दिया। इसके कुछ ही देर बाद वह सीधे चौथी मंज़िल पर पहुंची और वहां से कूद गई। इन्हीं मजदूरों ने पूरा वाकया देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को अस्पताल भिजवाया। उदयपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
नोट ने बढ़ाई गुत्थी
छात्रा की स्कूटी से बरामद हुए एक लेटर ने इस पूरे मामले की गुत्थी और उलझा दी है। इसमें उसने लिखा था कि उसके मम्मी-पापा की कोई गलती नहीं है, साथ ही उसने लिखा, "आई लव यू पापा-मम्मी।" यह नोट उसके परिवार को किसी भी तरह के दोष से मुक्त तो करता है, लेकिन यह नहीं बताता कि आखिर उस दोपहर उसे इस बिल्डिंग तक ले जाने वाली वजह क्या थी, जिससे जांच अधिकारियों के हाथ एक लिखा हुआ नोट तो लगा है, पर कोई ठोस कारण अब तक सामने नहीं आया है।
पुलिस और स्कूल बोले, कोई संकेत नहीं मिला
पुलिस के मुताबिक अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि छात्रा ने आखिर यह कदम क्यों उठाया। छात्रा के परिवार के सदस्य फिलहाल उदयपुर के अस्पताल में ही मौजूद हैं और इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्रा स्कूल में बिल्कुल सामान्य तरीके से पढ़ाई कर रही थी और उसके व्यवहार में कभी कोई ऐसी बात नज़र नहीं आई जिससे किसी को शक हो। स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर हैरानी जताई है।
एक हफ्ते पहले बेंगलुरु में भी हुआ था ऐसा ही मामला
इस घटना से महज एक हफ्ते पहले कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था, जहां 7वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की थी। यह कदम उठाने से पहले उस छात्र ने अपनी बहन को इसकी जानकारी दी थी।



















