राजस्थान के बूंदी शहर में एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ब्रह्मपुरी कॉलोनी में सुबह-सुबह एक ही परिवार के दो लोगों की जान चली गई। एक दो मंजिला इमारत के भीतर हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और कंट्रोल रूम के दल-बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और जाँच शुरू कर दी।
कमरे के भीतर मिला विचलित करने वाला दृश्य
जब पुलिस बल ने मकान के ऊपरी कमरे का दरवाजा खोलकर भीतर प्रवेश किया, तो वहाँ का दृश्य अत्यंत वीभत्स था। महिला रोशन का शव छत के कुंडे से फंदे पर झूल रहा था, जबकि उसके पति हनीफ ने धारदार हथियार से अपने हाथों की नसें काटकर इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। कमरे के फर्श पर चारों तरफ खून फैला हुआ था। प्रारंभिक जाँच और पड़ताल के दौरान आसपास के रहवासियों तथा परिजनों ने पुलिस को बताया कि इस दंपती के बीच लंबे समय से घरेलू कलह और पारिवारिक मतभेद चल रहे थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि इसी आपसी तनाव के कारण दोनों ने यह चरम कदम उठाया।
शवों को बाहर निकालने में आई मुश्किलें
इस खौफनाक दोहरे आत्महत्या कांड की खबर फैलते ही घटनास्थल के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। हालात को संभालते हुए पुलिसकर्मियों को मृतकों के शवों को नीचे लाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। मकान की बनावट में सीढ़ियाँ बहुत अधिक संकरी थीं, जिस वजह से दोनों शवों को सुरक्षित नीचे उतारकर वाहन तक पहुँचाने में लगभग आधे घंटे का समय लग गया।
एफएसएल टीम ने की साक्ष्यों की तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फौरन एफएसएल और एमओबी की विशेष टीमों को घटनास्थल पर तलब किया। इन विशेषज्ञों ने रक्त से सने कमरे के चप्पे-चप्पे से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया। मेडिकल बोर्ड के माध्यम से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद रोशन और हनीफ के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और इस हृदयविदारक हादसे की तह तक जाने के लिए विस्तृत जाँच की जा रही है।



















