राजस्थान के चूरू जिले अंतर्गत सरदारशहर कस्बे में मंगलवार की शाम एक बेहद दुखद हादसा घटित हुआ। एक सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे 45 वर्षीय बीरबल मेव जिम में वर्कआउट करने पहुंचे थे। वहां ट्रेडमिल पर रनिंग करते समय उनकी शारीरिक स्थिति अचानक बिगड़ गई और वे लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद जिम संचालक ने फौरन प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, मगर उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना का पूरा घटनाक्रम जिम में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसका फुटेज बुधवार को सामने आया है।
ट्रेडमिल पर दौड़ते समय अचानक बिगड़ी तबीयत
राजस्थान शिक्षक संघ के महामंत्री विजय पोटलिया द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, बीरबल मंगलवार शाम करीब 6 बजे अपनी छोटी पुत्री कविता को साथ लेकर व्यायामशाला पहुंचे थे। सामान्य दिनचर्या के तहत वे शाम तकरीबन 7 बजे ट्रेडमिल पर दौड़ लगा रहे थे। इसी बीच अचानक वे संतुलन खो बैठे और अचेत होकर फर्श पर आ गिरे। उन्हें गिरते देख आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
जिम संचालक ने दी प्राथमिक चिकित्सा
हादसा होते ही जिम संचालक बिना कोई समय गंवाए उनके पास पहुंचे और उन्हें पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से लगभग दो मिनट तक सीपीआर दिया। जब उनकी चेतना वापस नहीं लौटी, तो उन्हें फौरन नजदीकी निजी चिकित्सालय पहुंचाया गया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने उनकी नब्ज और शारीरिक स्थिति की जांच करने के उपरांत उन्हें मृत लाया घोषित कर दिया। डॉक्टरों का प्रारंभिक आकलन है कि संभवतः अचानक दिल का दौरा पड़ने की वजह से यह अनहोनी हुई होगी।
पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया और चिकित्सीय जांच
घटना के बाद सरदारशहर स्थित उप जिला अस्पताल के प्रभारी डॉ. चंद्रभान जांगिड़ ने बताया कि बीरबल की देह को मंगलवार शाम निजी अस्पताल से उप जिला अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया था। बुधवार की सुबह जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तब विधिवत पोस्टमॉर्टम की औपचारिकताएं पूर्ण कर पार्थिव शरीर उन्हें सौंप दिया गया। डॉ. जांगिड़ के अनुसार मृत्यु की वास्तविक एवं सटीक वजह का खुलासा पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के पश्चात ही हो सकेगा।
दो दशकों का लंबा शैक्षणिक सफर
शिक्षा जगत में बीरबल मेव का योगदान लगभग दो दशकों का रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2006 में की थी, जब चूरू जिले के सुजानगढ़ इलाके में स्थित बीदासर तहसील के सांडवा गांव में उन्हें प्राध्यापक पद पर पहली पोस्टिंग मिली थी। इसके बाद वर्ष 2018 में विभागीय पदोन्नति पाकर वे प्रधानाचार्य के पद पर आसीन हुए। इन दिनों वे सरदारशहर कस्बे से तकरीबन 15 किलोमीटर दूर स्थित आसपालसर के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कमान संभाल रहे थे।
सरदारशहर में परिवार के साथ रह रहे थे
बीरबल मेव का पैतृक आवास सरदारशहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित निमरासर गांव में था। हालांकि अपनी सेवा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वे अपनी धर्मपत्नी और दो पुत्रियों के साथ सरदारशहर में ही निवास कर रहे थे। उनके परिवार में बड़ी बेटी ऋतिका नवोदय विद्यालय में 10वीं कक्षा में अध्ययनरत है, जबकि छोटी बेटी कविता 5वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है।
























