जयपुर में आयोजित राजस्थान कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न होने के बाद राज्य सरकार ने केंद्र के नेतृत्व के तहत हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा सामने रखा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बतौर सरकार प्रमुख 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर एक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक की समाप्ति के बाद आयोजित औपचारिक प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों दीया कुमारी और डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा कैबिनेट मंत्रियों जोगाराम पटेल और सुमित गोदारा की मौजूदगी में इस प्रस्ताव की जानकारी साझा की।
सरकार प्रमुख के 25 वर्ष और वैश्विक मंच पर भारत का सम्मान
प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार के मुखिया के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पच्चीस वर्षों की अपनी प्रशासनिक यात्रा पूरी की है। इस मील के पत्थर को रेखांकित करते हुए कैबिनेट में एक प्रस्ताव लाया गया, जिसके माध्यम से उनके योगदान और नेतृत्व का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वैश्विक मंच पर भारत की साख मजबूत हुई है और अब तक प्रधानमंत्री को विश्व के 36 देशों द्वारा अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा चुका है। राज्य सरकार ने इसे केंद्र के सशक्त मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव के एक ठोस प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।
राजस्थान से जुड़े चार अहम जल समझौते और सिंचाई का ढांचा
राजस्थान जैसे भूभाग के लिए पानी का संकट हमेशा से एक गंभीर और प्राथमिक चुनौती रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री की पहल और अगुवाई के कारण राज्यों के मध्य जल विवादों को सुलझाने में बड़ी कामयाबी मिली है। अंतरराज्यीय स्तर पर हुए बड़े जल समझौतों में से चार महत्वपूर्ण समझौते सीधे तौर पर राजस्थान के हितों से जुड़े हुए हैं। हालांकि प्रेस वार्ता में इन चारों समझौतों की तकनीकी शर्तों अथवा उनके विशिष्ट नामों का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया, लेकिन सरकार ने यह साफ किया कि केंद्र के सक्रिय हस्तक्षेप के चलते वर्षों से अटकी जल परियोजनाओं और पानी के वितरण पर सहमति बनी है।
पचपदरा रिफाइनरी परियोजना की राह हुई आसान
राज्य के औद्योगिक और ऊर्जा परिदृश्य में पचपदरा रिफाइनरी को एक बेहद अहम और दूरगामी परियोजना माना जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबे समय से चुनौतियों का सामना कर रही इस परियोजना का रास्ता भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से ही पूरी तरह साफ हो पाया। कैबिनेट बैठक के बाद दिए गए इस बयान में रिफाइनरी को राजस्थान के आर्थिक विकास की एक बड़ी रीढ़ के रूप में चिह्नित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों के जरिए ही इस तरह के विशाल बुनियादी ढांचागत प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना संभव हुआ है।
वृक्षारोपण, किसान कल्याण और एक राज्य एक चुनाव का संकल्प
पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की प्रगति का उल्लेख करते हुए जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत राजस्थान में 30 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। हरित आवरण को बढ़ाने के इस महाअभियान को राज्य की एक बड़ी उपलब्धि बताया गया। इसके साथ ही कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए किसान सम्मान निधि की चर्चा की गई, जहां मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निधि की राशि को बढ़ाकर 9 हजार रुपए किया जा चुका है। हालांकि इस राशि के भुगतान और घोषणा के विशिष्ट क्रियान्वयन की समयसीमा का कोई अतिरिक्त विवरण ब्रीफिंग में नहीं जोड़ा गया। वहीं शासन व्यवस्था के स्तर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 'वन स्टेट वन इलेक्शन' की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। कुल मिलाकर पूरी ब्रीफिंग में केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन, जनकल्याणकारी योजनाओं और चुनाव सुधारों से जुड़े बिंदुओं को सरकार के कामकाज के केंद्र में रखा गया।






















