राजस्थान के टोंक नगर परिषद चुनाव में एक बड़ा प्रशासनिक और चुनावी घटनाक्रम सामने आया है। टोंक नगर परिषद के वार्ड नंबर 2 में शामिल किए गए डारडाहिन्द गांव के निवासियों ने इस निकाय चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करने का ऐलान किया है। गांव को शहरी निकाय सीमा में जोड़े जाने के प्रशासनिक फैसले का कड़ा विरोध करते हुए वार्ड नंबर 2 से चुनाव लड़ रहे सभी चार उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए हैं। इसके साथ ही इस वार्ड में चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है।
कलेक्टर टीना डाबी की घंटों चली समझाइश भी रही बेअसर
ग्रामीणों द्वारा चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिए जाने के तुरंत बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने और ग्रामीणों को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए राजी करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर टीना डाबी खुद मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर टीना डाबी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने डारडाहिन्द गांव के लोगों के साथ कई घंटों तक मैराथन बातचीत की और उन्हें अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए चुनाव में हिस्सा लेने के लिए समझाया।
हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर हुई लंबी वार्ता के बाद भी ग्रामीण अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि डारडाहिन्द गांव को नगर परिषद टोंक में शामिल करने का निर्णय उनकी इच्छा के विरुद्ध है और इस फैसले के खिलाफ वे अपना विरोध दर्ज कराने के लिए चुनाव प्रक्रिया से दूर रहेंगे। कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के अथक प्रयासों के बावजूद किसी भी उम्मीदवार ने अपना मन नहीं बदला और समय सीमा समाप्त होने तक चारों प्रत्याशियों ने अपने पर्चे वापस खींच लिए।
जालोर के भीनमाल में चुनाव से पहले भाजपा की दो सीटों पर जीत तय
दूसरी ओर, राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल नगर निकाय चुनाव से भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ी सफलता की खबर आई है। भीनमाल के दो अलग-अलग वार्डों में विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने या अन्य कारणों से भाजपा प्रत्याशियों के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा है, जिससे पार्टी के खाते में बिन चुनाव कराए ही दो सीटें आ गई हैं।
भीनमाल नगर पालिका के वार्ड संख्या 10 में आज नामांकनों की वापसी की तय समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला। इस वार्ड से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुरेश ने अपना नामांकन वापस ले लिया। सुरेश के मैदान छोड़ने के बाद भाजपा उम्मीदवार मुकेश भाटी वार्ड नंबर 10 में अकेले प्रत्याशी रह गए हैं। कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में न होने के कारण अब मुकेश भाटी का निर्विरोध निर्वाचित होना पूरी तरह तय हो चुका है और इस वार्ड में मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नामांकन वापसी की समय सीमा खत्म होते ही साफ हुई चुनावी तस्वीर
भीनमाल के वार्ड नंबर 10 में मुकेश भाटी की निर्विरोध जीत के साथ ही वार्ड संख्या 11 का परिणाम भी पहले ही तय हो चुका था। वार्ड नंबर 11 से भाजपा प्रत्याशी दीपक देवासी का निर्विरोध निर्वाचन पूर्व में ही संपन्न हो चुका है। इस तरह भीनमाल में निकाय चुनाव के लिए वोट पड़ने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने दो वार्डों में अपनी जीत की मुहर लगा दी है।
प्रशासनिक शेड्यूल के अनुसार आज दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेने का अंतिम समय निर्धारित था। 3 बजे की समय सीमा समाप्त होते ही जालोर और टोंक दोनों स्थानों पर चुनावी मुकाबले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो गई। जहां टोंक के वार्ड नंबर 2 में सभी प्रत्याशियों के पर्चा उठाने से चुनाव टलने के आसार बन गए हैं, वहीं भीनमाल में भाजपा ने दो वार्डों में बिना मुकाबला जीत हासिल कर ली है।



















