राजस्थान में डीग जिले के बड़ेसरा गांव से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां ज्वार और बाजरे के सूखे चारे के ढेर में दो नाबालिग जुड़वा भाइयों के शव बरामद किए गए हैं। दोनों बच्चों की उम्र करीब 13 वर्ष बताई जा रही है। गांव के भीतर इस तरह रहस्यमय और अस्वाभाविक परिस्थिति में शव मिलने की खबर जैसे ही फैली, पूरे क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बन गया। शुरुआती पड़ताल के दौरान दोनों बालकों के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे घटना के पीछे किसी गहरी आपराधिक साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक, आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के आला पुलिस अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए। डीग के पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने खुद बड़ेसरा गांव पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय पुलिसकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए। यह इलाका नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके साथ ही जनूथर थाने की पुलिस टीम भी तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस दल ने पूरे इलाके को घेरे में लेकर स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की और घटना से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू की पड़ताल में जुट गई। पुलिस अधिकारी हर संभावित दिशा में सुराग तलाशने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मौत के कारणों की स्पष्ट कड़ियां जोड़ी जा सकें।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों और श्वान दल की मदद से जुटाए जा रहे साक्ष्य
बालकों के सिर पर चोट के स्पष्ट निशान मिलने के कारण पुलिस इसे एक गंभीर आपराधिक वारदात मानकर आगे बढ़ रही है। मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की विशेष टीम और डॉग स्क्वाड को घटनास्थल पर बुलाया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ चारे के ढेर और उसके आसपास के इलाके से उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक सबूत एकत्रित कर रहे हैं, जबकि खोजी कुत्ते सुराग की तलाश में गांव के आसपास के रास्तों की खाक छान रहे हैं। जांच एजेंसी यह पुख्ता करने में लगी है कि बालकों की मौत किसी अचानक हुए हादसे का परिणाम है अथवा किसी ने योजनाबद्ध तरीके से इस कृत्य को अंजाम दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की असली वजह
जांच अधिकारियों ने मौका-मुआयना और प्राथमिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों भाइयों के शवों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने की तैयारी कर रही है। चिकित्सकों द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि बच्चों की जान किस समय और किन हथियारों या परिस्थितियों में गई। एक साथ दो मासूम जुड़वा बेटों के इस तरह दुनिया से चले जाने के बाद बड़ेसरा गांव में मातम पसरा हुआ है, और परिजन तथा ग्रामीण न्याय की उम्मीद में पुलिस जांच के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।



















