राजस्थान के राजसमंद जिले में नवरात्र के पावन अवसर पर जवारा विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर मधुमक्खियों के अचानक हुए हमलों में पच्चीस से अधिक लोग जख्मी हो गए। इन अप्रत्याशित घटनाओं के बाद से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी गहरी हो गई हैं। घायलों में से तीन की हालत ज्यादा नाजुक होने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा के वास्ते राजसमंद के मुख्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। देवगढ़ और रेलमगरा थाना क्षेत्रों में हुई इन वारदातों के बाद से प्रशासन और स्थानीय लोग पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।
दौलपुरा कालका माता मंदिर के पास हादसा
पहली घटना देवगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दौलपुरा कालका माता मंदिर के समीप घटित हुई। यहाँ भक्तगण उत्साह के साथ जवारा विसर्जन के धार्मिक अनुष्ठान में जुटे हुए थे, तभी अचानक से मधुमक्खियों के एक उग्र झुंड ने वहाँ मौजूद भीड़ पर धावा बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले से वहाँ भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और किसी को भी सँभलने का मौका नहीं मिला। इस हमले में दस से अधिक श्रद्धालु बुरी तरह घायल हो गए। आनन-फानन में सभी पीड़ितों को देवगढ़ के स्थानीय चिकित्सालय में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है।
सादड़ी गाँव में भी मधुमक्खियों का हमला
दूसरी ऐसी ही खौफनाक घटना रेलमगरा थाना क्षेत्र के सादड़ी गाँव में सामने आई। यहाँ भी नवरात्र के दौरान जवारा विसर्जन के समय मधुमक्खियों ने अचानक लोगों को अपना निशाना बना डाला। इस दूसरी वारदात में पंद्रह से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। घायलों की संख्या अधिक होने और उनमें से तीन की स्थिति ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत राजसमंद रेफर करना पड़ा। दोनों ही जगहों पर प्रशासनिक अमला और स्थानीय लोग राहत कार्यों में जुट गए ताकि सभी पीड़ितों को समय पर चिकित्सीय सहायता मुहैया कराई जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और चिंताओं का माहौल
एक ही जिले के भीतर दो अलग-अलग इलाकों में इस तरह के हादसे होना प्रशासनिक और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। धार्मिक उत्सवों में भारी भीड़ जुड़ती है, ऐसे में मधुमक्खियों के इस प्रकार अचानक हमलावर हो जाने से कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठने लगे हैं। हालाँकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि आखिर किन कारणों से मधुमक्खियों का झुंड इतना आक्रामक हुआ और यह हमला कैसे भड़का। घायलों के स्वास्थ्य को लेकर अभी पूरी विस्तृत जानकारी आनी शेष है, लेकिन प्राथमिक उपचार युद्ध स्तर पर जारी है।























