कड़ी मेहनत और कुछ नया करने का जज्बा हो तो सीमित संसाधनों से भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। इस बात को शहर के रहने वाले मोहम्मद अली ने अपने जीवन से सच साबित कर दिखाया है। एक समय ऐसा था जब वे दूसरों के यहां मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाते थे। लेकिन आज वे पूरी मेहनत के साथ अपने खुद के फल-फ्रूट व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। इस कारोबार की शुरुआत उन्होंने आज से सात साल पहले मात्र 5 हजार रुपये की मामूली पूंजी से की थी। आज उनकी यह छोटी सी कोशिश एक बड़े व्यवसाय में बदल चुकी है और वे अपने काम के जरिए तीन अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया करा रहे हैं।
दसवीं तक पढ़ाई और मजदूरी से कारोबार तक का सफर
मोहम्मद अली ने अपनी स्कूली शिक्षा दसवीं कक्षा तक पूरी की है। इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए वे काम की तलाश में निकल पड़े और मजदूरी करने लगे। इसी दौर में उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया जब उनके एक करीबी दोस्त ने उन्हें खुद का काम शुरू करने की सलाह दी। दोस्त की उस बात ने उनके मन में स्वरोजगार का विचार पैदा कर दिया। हालांकि उस समय उनके पास निवेश करने के लिए अधिक पैसे नहीं थे, लेकिन उनका हौसला मजबूत था। उन्होंने अपनी जमापूंजी से केवल 5 हजार रुपये जुटाए और फल बेचने के काम की शुरुआत कर दी।
इंदौर की मंडी से मंगवाते हैं बेहतरीन फल
पिछले सात वर्षों से वे लगातार इस फल कारोबार में डटे हुए हैं। शुरुआती दिनों में अपने इस व्यवसाय को जमाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। बाजार में टिके रहने के लिए उन्होंने ग्राहकों की पसंद और मांग को गहराई से समझा। उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि ग्राहकों को मिलने वाले फल उच्च गुणवत्ता के होने चाहिए। इसी रणनीति के तहत वे अब सीधे इंदौर की मंडी से बढ़िया क्वालिटी के ताजे फल मंगवाते हैं और अपने ग्राहकों को बेचते हैं।
मोहम्मद अली अपनी यह दुकान शहर के सुभाष चौक इलाके में लगाते हैं। यहां वे अलग-अलग प्रकार के ताजे और स्वादिष्ट फल बेचते हैं। फलों की अच्छी क्वालिटी और ग्राहकों के साथ उनकी ईमानदारी के कारण उनका व्यापार दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रहा है। उनकी इसी तरक्की का परिणाम है कि अब उनके इस व्यवसाय से तीन और लोग जुड़ चुके हैं और रोजगार पा रहे हैं। उनका मानना है कि भले ही शुरुआत बहुत छोटी थी, लेकिन ईमानदारी और पक्के इरादे से काम करने पर सफलता जरूर मिलती है। आने वाले समय में उनका इरादा अपने इस कारोबार को और फैलाने का है ताकि वे ज्यादा से ज्यादा बेरोजगार लोगों को काम दे सकें। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपने दम पर खुद का काम शुरू करना चाहते हैं।



















