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धौलपुर की पंचवटी कॉलोनी में 3 फीट तक भरा पानी, 15 दिनों से ठप हुई मासूमों की पढ़ाईराजस्थान
27 अग॰ 2026, 11:03 am (2 घंटे पहले)· 1

धौलपुर की पंचवटी कॉलोनी में 3 फीट तक भरा पानी, 15 दिनों से ठप हुई मासूमों की पढ़ाई

राजस्थान के धौलपुर स्थित पंचवटी कॉलोनी में पिछले 15 दिनों से जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नालों की सफाई न होने से सड़कों पर 3 फीट तक पानी जमा है, जिससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

राजस्थान के धौलपुर जिले के वार्ड नंबर 9 स्थित पंचवटी कॉलोनी में जलभराव के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। पिछले 15 दिनों से लगातार जलजमाव की वजह से स्थानीय निवासियों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। सड़कों पर जमा 2 से 3 फीट गहरे पानी ने न केवल लोगों की आवाजाही पर ब्रेक लगा दिया है, बल्कि छोटे बच्चों की स्कूली शिक्षा को भी पूरी तरह बाधित कर दिया है। पिछले चार सालों से हर मानसून के दौरान इस इलाके के लोग ऐसी ही नारकीय स्थिति झेलने को मजबूर हैं, लेकिन इस बार हालात और ज्यादा भयावह हो चुके हैं।

जलभराव की गिरफ्त में पंचवटी कॉलोनी

पंचवटी कॉलोनी की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक हर जगह गंदा पानी भरा हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बने नाले और सीवर लाइनें लंबे समय से पूरी तरह जाम पड़ी हैं। समय पर इनकी सफाई न होने के कारण बारिश के पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है। इसके चलते सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया है, जिसने सड़कों को ताल-तलैया में तब्दील कर दिया है। जलजमाव के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढे दिखाई देना बंद हो गए हैं। इस वजह से कई राहगीर और दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हो चुके हैं। कुछ स्थानीय निवासियों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर तक होने की घटनाएं सामने आई हैं। शाम ढलते ही दृश्यता कम होने पर स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है, जिससे रात के समय लोगों का घर से बाहर निकलना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है।

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बच्चों की शिक्षा पर लगा ब्रेक और मासूम का सपना

इस भीषण जलभराव का सबसे गंभीर और विपरीत प्रभाव मासूम स्कूली बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। कॉलोनी के रहने वाले छात्र आयुष के अनुसार, पिछले 15 दिनों से क्षेत्र के कई बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। मानसून के मौसम में हर साल जुलाई से सितंबर महीने के बीच इस कॉलोनी में जलभराव की विकराल समस्या बनी रहती है। कई बार बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर गंदे पानी और दलदल भरे रास्तों से गुजरकर स्कूल जाना पड़ता है। छात्र आयुष ने अपनी व्यथा साझा करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आयुष ने कहा कि वह पढ़-लिखकर कलेक्टर की तरह बड़ा अफसर बनना चाहता है, लेकिन कॉलोनी में फैले पानी के कारण पिछले 15 दिनों से उसकी पढ़ाई रुकी हुई है।

सांपों का डर, संक्रमण और मकानों में दरारें

जलजमाव से केवल आवाजाही ही ठप नहीं हुई है, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा का बड़ा संकट भी पैदा हो गया है। हफ्तों से ठहरे हुए गंदे पानी के कारण इलाके में सड़ांध और भयंकर बदबू फैल चुकी है, जिससे संक्रामक बीमारियों के तेजी से फैलने का खतरा मंडरा रहा है। निवासियों ने बताया कि अब जलभराव वाले स्थानों और घरों के आसपास जहरीले सांप दिखाई देने लगे हैं। इस कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर हर समय डर का माहौल बना रहता है। लगातार पानी भरे रहने के कारण घरों के फर्श नीचे धंसने लगे हैं और पक्की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी बढ़ गई है।

181 पोर्टल की विफलता और प्रशासन से उठती मांगें

प्रशासनिक तंत्र की उपेक्षा से आक्रोशित स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने राजस्थान सरकार के 181 मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर दर्जनों बार ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके बावजूद धरातल पर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का दावा है कि प्रशासनिक कर्मचारी बिना मौके का निरीक्षण किए ही कागजों में शिकायतों का निस्तारण दर्शा देते हैं। शिकायतकर्ताओं को समाधान का संदेश तो मिल जाता है, लेकिन मौके पर जलभराव की स्थिति ज्यों की त्यों बनी रहती है। पंचवटी कॉलोनी के निवासियों ने जिला प्रशासन, नगर परिषद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है। निवासियों की मांग है कि जाम पड़े नालों और सीवर लाइनों की अविलंब सफाई कराई जाए, जल निकासी की स्थायी तकनीकी व्यवस्था विकसित की जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यह केवल बुनियादी ढांचे की विफलता नहीं है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।

सवाल-जवाब

धौलपुर के किस क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या है?
यह समस्या धौलपुर के वार्ड नंबर 9 स्थित पंचवटी कॉलोनी में बनी हुई है।
सड़कों पर कितने फीट तक पानी भरा हुआ है?
पंचवटी कॉलोनी की सड़कों पर करीब 2 से 3 फीट तक गंदा पानी जमा है।
जलभराव के कारण स्कूली बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
जलभराव के कारण बच्चे लगभग 15 दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
निवासियों के अनुसार जलभराव का मुख्य कारण क्या है?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले और सीवर लाइनें जाम होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
निवासियों ने किस हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी?
लोगों ने मुख्यमंत्री 181 शिकायत पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

पंचवटी कॉलोनी में लगातार पंद्रह दिनों से तीन फीट पानी का भरा रहना और चार साल से हर मानसून में यह नारकीय स्थिति बनना केवल एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि नागरिकों के बुनियादी मानवाधिकारों और सार्वजनिक सुरक्षा का खुला उल्लंघन है। यदि जल निकासी के इस गंभीर संकट और इससे उपजे जानलेवा हादसों या संक्रामक रोगों के खतरे पर स्थानीय प्रशासन ने तत्काल कानूनी और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो यह स्थिति किसी बड़ी आपदा या कानूनी मुकदमेबाजी का रूप ले सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

यह संकट केवल एक मोहल्ले की दुर्दशा नहीं है, बल्कि शहरी स्थानीय निकायों की लचर कार्यशैली का जीता-जागता प्रमाण है। चार साल से हर मानसून में एक ही चक्र का दोहराव यह दर्शाता है कि अधिकारी स्थायी समाधान के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। यदि समय रहते सीवर लाइनों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो यह मानसूनी समस्या गंभीर स्वास्थ्य आपदा में बदल सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।

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