जयपुर के बाजारों में इस बार दीपावली के उल्लास के बीच सरस डेयरी की मिठाइयां खास आकर्षण का केंद्र रहने वाली हैं। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की देखरेख में राज्यभर के तमाम जिला दुग्ध संघों ने मिलकर इस त्योहारी सीजन में कुल 275 टन स्वादिष्ट और पारंपरिक मिठाइयों की बिक्री का पुख्ता बंदोबस्त कर लिया है। खास बात यह है कि ये तमाम उत्पाद पूरी तरह से शुद्ध सरस घी से तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्राहकों को बेहतरीन स्वाद के साथ सेहत की सुरक्षा का पूरा भरोसा भी मिल रहा है।
गुणवत्ता और आपूर्ति पर प्रशासन का विशेष जोर
आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक श्रुति भारद्वाज ने राज्य के सभी जिला दुग्ध संघों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि त्योहार के इन दिनों में मिठाइयों की आपूर्ति में किसी भी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही उत्पादों की गुणवत्ता का स्तर भी सर्वोच्च बनाए रखने को कहा गया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत प्रदेश के खास इलाकों की पहचान बन चुकी पारंपरिक मिठाइयों को भी इस बार विशेष रूप से शामिल किया गया है।
स्थानीय खासियतों के साथ पारंपरिक व्यंजनों की बहार
इस त्योहारी श्रृंखला में जोधपुर की मशहूर मावा कचौरी और अलवर का विश्वप्रसिद्ध दानेदार कलाकंद विशेष तौर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा राजधानी जयपुर के पारंपरिक और मुंह में घुल जाने वाले गुलाब जामुन, रसगुल्ले, पेड़े, स्वादिष्ट लड्डू और काजू कतली भी बड़ी मात्रा में तैयार किए गए हैं। इन सभी उत्पादों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं ताकि हर घर में मिठास पहुंच सके।
अकेले जयपुर डेयरी का 70 टन का बड़ा लक्ष्य
राजधानी जयपुर में त्योहार के दौरान मिठाइयों की अत्यधिक मांग को देखते हुए केवल जयपुर डेयरी ने ही लगभग 70 टन मिठाइयां बेचने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए गुलाब जामुन, रसगुल्ला, पेड़ा, पारंपरिक लड्डू और काजू कतली के साथ-साथ बूंदी के विशेष लड्डू भी पर्याप्त मात्रा में उतारे जा रहे हैं। इन सभी उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों को सरस के अधिकृत बूथों, विशेष पार्लर्स और चुनिंदा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेचा जा रहा है ताकि लोग मिलावट की आशंका से दूर रहकर सुरक्षित खरीदारी कर सकें।
बाजार की मिलावट से राहत और किफायती दाम
त्योहारों के सीजन में बाजार में अकसर मिलावटी खोए और मिठाइयों का कारोबार बढ़ जाता है, जिससे आम लोगों की सेहत पर खतरा मंडराता रहता है। इस गंभीर समस्या से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरस डेयरी ने शुद्धता का भरोसा देते हुए बहुत ही किफायती दाम तय किए हैं। प्राइवेट दुकानों के मुकाबले कम कीमत और शुद्ध घी की गारंटी होने के कारण समाज का हर वर्ग आसानी से इन मिठाइयों को खरीदकर अपने परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मना सकता है। नागरिक अपने नजदीकी सरस बूथों और पार्लर्स से सीधे इन उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।

















