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घर की छत या बालकनी में ऐसे उगाएं ताजी लौकी, जानिए गार्डनिंग के आसान टिप्सराजस्थान
31 अग॰ 2026, 11:19 am (59 मिनट पहले)· 2

घर की छत या बालकनी में ऐसे उगाएं ताजी लौकी, जानिए गार्डनिंग के आसान टिप्स

अपने किचन गार्डन या बालकनी में लौकी की बेल उगाना बेहद आसान है। सही मिट्टी, धूप और थोड़े से सहारे की मदद से घर पर ही ताजी और हरी सब्जियां उगाई जा सकती हैं।

घर के किचन गार्डन या बैकयार्ड में हरी सब्जियां उगाने का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है। अगर आप भी ताजी सब्जियां पाना चाहते हैं, तो कम जगह और कम मेहनत में लौकी उगाना एक बेहतरीन विकल्प है। इसे अपने घर की छत, आंगन या बालकनी जैसी जगहों पर बहुत आसानी से लगाया जा सकता है। लौकी की बेल को तेजी से बढ़ने और फैलने के लिए एक मजबूत सहारे की सख्त जरूरत होती है। यदि पौधे को सही मात्रा में धूप, पानी और उचित देखभाल मिले, तो बेल बहुत तेजी से विकास करती है और घर पर ही ताजी लौकी की शानदार पैदावार देती है।

लौकी उगाने के लिए सही बीज और मिट्टी का चयन

घर पर लौकी की बेल लगाने की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों का ही चुनाव करना चाहिए। इन बीजों को सीधे मिट्टी में आसानी से बोया जा सकता है। इसके लिए आपको ऐसी मिट्टी का उपयोग करना चाहिए जिसमें पानी की निकासी बहुत अच्छी हो और जिसमें पर्याप्त मात्रा में जैविक खाद भी मिली हुई हो। बीज बोने के बाद यह बेहद जरूरी है कि मिट्टी में हल्की नमी हमेशा बनी रहे। पौधे को रोजाना पर्याप्त धूप दिखाएं और उसकी नियमित रूप से देखभाल करें। कुछ ही दिनों के भीतर बीज अंकुरित होकर एक छोटे पौधे का रूप ले लेते हैं, जिसे आगे चलकर सहारा देकर एक लंबी बेल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

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मजबूत मचान और सहारे की व्यवस्था

जब लौकी का पौधा थोड़ा बड़ा और मजबूत होने लगे, तब उसे ऊपर की ओर बढ़ने के लिए एक मजबूत सहारा देना बहुत जरूरी हो जाता है। इसके लिए आप बांस, लकड़ी, लोहे की जाली या मजबूत रस्सियों की मदद से एक बेहतरीन मचान तैयार कर सकते हैं। बेल को ऊपर चढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलने पर उसका फैलाव बहुत तेजी से होता है। मचान के ऊपर बेल के फैलने से पौधे को चारों तरफ से अच्छी धूप और ताजी हवा मिलती है। इस प्रक्रिया से फल नीचे की तरफ आसानी से लटकते हैं और लौकी का आकार एवं विकास भी बहुत अच्छी तरह से होता है।

पानी और खाद देने का सही तरीका

लौकी के पौधे को हमेशा जरूरत से ज्यादा पानी देने की गलती से बचना चाहिए। जब आपको लगे कि गमले या क्यारी की मिट्टी ऊपर से सूखी दिखाई दे रही है, तभी पौधे में पानी डालें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गमले या जमीन में कभी भी पानी जमा न होने पाए, क्योंकि जलभराव की वजह से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं और खराब हो सकती हैं। पौधे की सेहत और अच्छी बढ़त के लिए समय-समय पर उसमें जैविक खाद या कंपोस्ट डालते रहना चाहिए। पर्याप्त धूप, सही नमी और भरपूर पोषक तत्व मिलने से लौकी की बेल हमेशा स्वस्थ रहती है और बंपर पैदावार देती है।

पौधे की नियमित निगरानी और कीटों से सुरक्षा

लौकी की बेल की सेहतमंद ग्रोथ के लिए उसकी नियमित निगरानी करना भी उतना ही जरूरी है। पौधे पर समय-समय पर नजर रखें और उसकी सूखी हुई या पीली पड़ चुकी खराब पत्तियों को तुरंत हटाते रहें। यदि आपको पत्तियों या बेल पर किसी भी प्रकार के कीट या रोग के लक्षण दिखाई दें, तो शुरुआती दौर में ही उनकी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाएं। पौधे को भरपूर धूप मिलने से उसका विकास रुकता नहीं है बल्कि तेजी से होता है। बेल को एक मजबूत सहारा मिलने पर वह कम जगह में भी काफी बड़े क्षेत्र को आसानी से कवर कर लेती है।

घर पर गार्डनिंग करने के मुख्य लाभ

अपने घर में लौकी उगाने का सबसे बड़ा और मुख्य फायदा यह मिलता है कि आपको जरूरत के हिसाब से बिल्कुल ताजी सब्जियां सीधे अपने किचन गार्डन से ही मिल जाती हैं। इससे बाजार की सब्जियों पर आपकी निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती है और साथ ही आपका गार्डनिंग का शौक भी बहुत अच्छे से पूरा हो जाता है। इसलिए यदि आपके पास घर में थोड़ी सी भी खाली जगह उपलब्ध है और बेल को ऊपर चढ़ाने की उचित व्यवस्था है, तो लौकी उगाना कम मेहनत में अपने किचन गार्डन को उपयोगी और हरा-भरा बनाने का सबसे आसान तरीका साबित हो सकता है।

सवाल-जवाब

लौकी की बेल लगाने के लिए किस तरह की मिट्टी सबसे अच्छी होती है?
लौकी के लिए ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें पानी की निकासी अच्छी हो और पर्याप्त जैविक खाद मिली हो।
लौकी की बेल को बढ़ने के लिए किस प्रकार के सहारे की जरूरत होती है?
बेल को ऊपर चढ़ने के लिए बांस, लकड़ी, लोहे की जाली या मजबूत रस्सी से मचान तैयार कर सकते हैं।
लौकी के पौधे में पानी कब देना चाहिए?
जब गमले या जमीन की मिट्टी ऊपर से सूखी दिखाई दे, तभी पौधे को पानी देना चाहिए।
घर पर लौकी उगाने का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
इससे जरूरत के मुताबिक ताजी सब्जियां सीधे किचन गार्डन से मिल जाती हैं और बाजार पर निर्भरता कम होती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 मिनट पहले

यह खबर शहरी क्षेत्रों में बालकनी और छतों पर बागवानी के बढ़ते रुझान और आत्म-निर्भरता को दर्शाती है। यद्यपि यह सीधे तौर पर किसी आपराधिक मामले से जुड़ी नहीं है, फिर भी सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण है। शहरी इलाकों में बिना रसायन के ताजी सब्जियां उगाना खाद्य सुरक्षा और बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देता है, जिससे नागरिकों का स्वास्थ्य सुधरता है।

Rohan Verma@rohan-verma·40 मिनट पहले

शहरी इलाकों में बालकनी और छतों पर इस तरह की बागवानी केवल शौक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बढ़ती हुई पर्यावरण जागरूकता और जीवनशैली में बदलाव का संकेत है। हालांकि यह विषय पारंपरिक राजनीतिक या अपराध रिपोर्टिंग से अलग है, लेकिन खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह शासन और लोकनीति के दायरे से जुड़ा एक गंभीर विषय है। नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे शहरी कृषि को बढ़ावा देने के लिए छतों पर खेती और कंपोस्टिंग को प्रोत्साहित करें, जिससे नागरिकों को रासायनिक मुक्त ताजी सब्जियां मिल सकें और शहरी कचरे के प्रबंधन में भी मदद मिले।

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