घर के आँगन या बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजाना बहुत से लोगों का पसंदीदा शौक होता है। लेकिन बार-बार नर्सरी से महंगे पौधे खरीदना, नए गमले लाना या बीज खरीदने का खर्च हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता। अच्छी खबर यह है कि खूबसूरत गार्डन तैयार करने के लिए हमेशा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती। कई ऐसे लोकप्रिय पौधे हैं जिन्हें बीज के बिना, केवल उनकी छोटी-सी डंडी या कटिंग की मदद से आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण या महंगे गमलों की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि सही देखभाल और सामान्य मिट्टी में ही नया पौधा तैयार हो जाता है।
गुलाब और मनी प्लांट: आसानी से जड़ पकड़ने वाले पौधे
गुलाब का पौधा अपनी सुंदरता और खुशबू के लिए जाना जाता है, और इसे कटिंग के जरिए उगाना बेहद सरल है। इसके लिए पौधे की किसी स्वस्थ और हल्की मोटी डंडी का चुनाव करें। कटिंग रोपने से पहले उसकी निचली पत्तियों को हटा देना चाहिए ताकि सारा पोषण जड़ें बनाने में लगे। इसे नमी युक्त मिट्टी में लगाएं और इस बात का ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो। इस कटिंग को ऐसी जगह रखना चाहिए जहाँ पर्याप्त रोशनी आए, लेकिन सीधी तेज धूप न पड़ती हो। सही वातावरण मिलने पर कुछ ही हफ्तों में डंडी से नई जड़ें निकलने लगती हैं और ताजी पत्तियां दिखाई देने लगती हैं।
मनी प्लांट को भी कटिंग से तैयार करना बेहद आसान माना जाता है। इसके लिए ऐसी मजबूत डंडी चुनें जिसमें कम से कम एक या दो गांठें यानी नोड मौजूद हों। इस डंडी को साफ पानी से भरे कांच के गिलास या बोतल में डालकर ऐसी जगह रख दें जहाँ हल्की रोशनी आती हो। कुछ ही दिनों के भीतर नोड वाले हिस्से से सफेद जड़ें बाहर आने लगती हैं। जब जड़ें अच्छी तरह विकसित और मजबूत हो जाएं, तब इस कटिंग को मिट्टी से भरे गमले में स्थानांतरित किया जा सकता है। मिट्टी में लगाने के बाद इसे नियमित लेकिन नियंत्रित मात्रा में पानी देना चाहिए।
तुलसी की डंडी से नया पौधा तैयार करने की विधि
धार्मिक और औषधीय महत्व रखने वाली तुलसी की कई किस्मों को कटिंग के माध्यम से आसानी से बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए पौधे से एक स्वस्थ और मजबूत डंडी काट लें और उसकी निचली पत्तियों को अलग कर दें। तैयार कटिंग को साफ पानी में रखकर या हल्की नम मिट्टी में रोपकर नया पौधा उगाया जा सकता है। शुरुआती दिनों में तुलसी की कटिंग को ऐसे स्थान पर रखें जहाँ अच्छी रोशनी उपलब्ध हो, लेकिन सीधी कड़क धूप से बचाव रहे। मिट्टी में नमी का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि पानी का भराव कटिंग को सड़ा सकता है। अनुकूल परिस्थितियां मिलते ही डंडी से जड़ें फूटने लगती हैं और पौधा नई पत्तियों के साथ पनपने लगता है।
गुड़हल और चमेली की कटिंग से खूबसूरत फूल पाएं
फूलदार पौधों में गुड़हल और चमेली भी ऐसे पौधे हैं जिन्हें सही तरीका अपनाकर कटिंग से तैयार किया जा सकता है। इन पौधों की कटिंग लेने के लिए हमेशा स्वस्थ और पुरानी मजबूत शाखाओं का ही चयन करना चाहिए। डंडी लगाने से पहले नीचे के पत्तों को हटा दें और उसे हल्की नमी वाली मिट्टी में गहराई से लगाएं। मिट्टी में पानी की मात्रा का खास ध्यान रखें, क्योंकि अत्यधिक नमी या पानी का ठहराव कटिंग को नुकसान पहुँचा सकता है। इन्हें हमेशा सीधी तेज धूप से बचाकर ऐसी जगह रखें जहाँ छनकर रोशनी आती हो। इन पौधों में जड़ें बनने और नए पत्ते आने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए कटिंग लगाने के बाद सब्र रखना बेहद जरूरी होता है।
कटिंग रोपते समय ध्यान रखने योग्य बुनियादी बातें
घर में मौजूद पौधों से नए पौधे तैयार करके आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने बगीचे का विस्तार कर सकते हैं। इसके लिए सही जल निकासी वाले गमलों और उपजाऊ हल्की मिट्टी का प्रबंध करना चाहिए। कटिंग लगाने के बाद मिट्टी में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन अत्यधिक पानी देने से बचें ताकि जड़ें सड़ें नहीं। मौसम के बदलाव और पौधे की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से उनकी देखभाल करना आवश्यक है। यदि सही रोशनी, नमी और तापमान का संयोजन मिले, तो एक छोटी सी डंडी धीरे-धीरे जड़ों का विकास करके एक स्वस्थ और पूर्ण पौधे का रूप ले लेती है।



















