छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मौदहापारा इलाके में हर रविवार को एक खास बाजार सजता है, जिसे स्थानीय रूप से चोर बाजार के नाम से जाना जाता है। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सुबह के वक्त बहुत जल्दी यानी चार बजे ही शुरू हो जाता है और दोपहर के 12 बजे तक अपनी रौनक बनाए रखता है। कम बजट में अपनी जरूरत का सामान खरीदने के लिए दूर-दूर से लोग इस बाजार का रुख करते हैं और यहां सुबह से ही खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
सुबह चार बजे से शुरू होती है चहल-पहल
रविवार के दिन मौदहापारा में अहले सुबह से ही दुकानदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। व्यापारी अपनी दुकानें सजाते हैं और जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, बाजार में खरीदारों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। कपड़े और जूतों की दुकानों के अलावा यहां घर-गृहस्ती का सामान बेचने वाली कई दुकानें भी सजती हैं। ग्राहक अलग-अलग स्टॉल पर जाकर सामान की जांच करते हैं और अपनी पसंद तथा जरूरत के हिसाब से मोलभाव कर खरीदारी करते हैं।
बेहद कम दामों में मिलते हैं कपड़े और बैग
इस साप्ताहिक बाजार में सामान की कीमतें इतनी कम होती हैं कि हर वर्ग का आदमी आसानी से खरीदारी कर सकता है। यहां मात्र 100 रुपये की शुरुआती कीमत में शर्ट मिल जाती है, जबकि जींस की कीमत करीब 200 रुपये होती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए 100 रुपये में कुर्ती और लगभग 150 रुपये की कीमत में स्टाइलिश बैग उपलब्ध रहते हैं। बच्चों के कपड़ों के लिए भी ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ते क्योंकि वे भी 200 रुपये तक की रेंज में आसानी से मिल जाते हैं।
सालों से लग रही हैं दुकानें
इस बाजार में पिछले 15 सालों से लगातार दुकान लगा रहे बबलू ने बताया कि मौदहापारा में लगने वाला यह हाट लंबे समय से शहरवासियों की जरूरतें पूरी कर रहा है। उनके अनुसार, रविवार के दिन रायपुर के अलग-अलग कोनों से लोग इस सस्ते बाजार में खरीदारी करने के लिए पहुंचते हैं। यहां केवल कपड़े ही नहीं बल्कि जूते, चप्पल और रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली तमाम चीजें एक ही छत के नीचे या आसपास मिल जाती हैं, जिससे ग्राहकों को काफी सहूलियत होती है।
जूतों से लेकर घरेलू सामान तक का ठिकाना
चोर बाजार के नाम से प्रसिद्ध इस संडे मार्केट में विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का विशाल संग्रह देखने को मिलता है। कपड़ों और जूतों के साथ-साथ घरेलू उपयोग का सामान भी यहां प्रचुर मात्रा में बिकता है। सुबह के सुहाने मौसम में दुकानदार ग्राहकों को अपने उत्पाद दिखाते हैं और लोग अपनी जरूरत के मुताबिक खरीदारी का आनंद लेते हैं। मौदहापारा का यह इतवारी बाजार दोपहर के 12 बजने तक पूरी तरह गुलजार रहता है और फिर अगले रविवार के लिए समेट लिया जाता है।



















