छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी करके जन्मदिन का जश्न मनाने और जमकर आतिशबाजी करने का एक नया मामला सामने आया है। यह पूरा वाकया रायपुर जिले में अपनी सेवाएं दे रहे नायब तहसीलदार विपिन पटेल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इस घटना का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पहले इसे रायपुर का ही इलाका समझा जा रहा था। हालांकि, जब प्रशासन और पुलिस ने इसकी गहराई से छानबीन की, तो पता चला कि यह वीडियो रायपुर का नहीं बल्कि बिलासपुर के रिवर व्यू रोड का है। इस लापरवाही भरी हरकत की आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन थाने की पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए कार के मालिक और वाहन चलाने वाले ड्राइवर के विरुद्ध कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रिवर व्यू रोड पर चलाया गया जश्न का दौर
सार्वजनिक सड़क पर इस तरह से उत्सव मनाने की शुरुआत तब चर्चा में आई जब इसका एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बिलासपुर के व्यस्त और प्रमुख रिवर व्यू रोड पर गाड़ी को बीच रास्ते रोककर बर्थडे सेलिब्रेट किया जा रहा था और खुलेआम सड़क पर ही आतिशबाजी की जा रही थी। शुरुआत के दौर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा किया जा रहा था कि यह घटना रायपुर की है, क्योंकि इस जश्न के केंद्र में रायपुर में पदस्थ नायब तहसीलदार विपिन पटेल का नाम सामने आ रहा था। लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी पहलुओं और स्थानीय भूगोल के आधार पर इसकी पड़ताल की, तो यह साबित हो गया कि यह नजारा बिलासपुर का ही है। सड़क के बीच इस तरह हुड़दंग मचाने और आतिशबाजी करने के खिलाफ जब औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, तो स्थानीय पुलिस ने बिना किसी देरी के मामले की फाइल खोल दी और तहकीकात शुरू कर दी।
23 अक्टूबर को दर्ज हुई थी आधिकारिक शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर 23 अक्टूबर को विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सिविल लाइन पुलिस थाने के अधिकारियों ने प्राप्त साक्ष्यों और वीडियो फुटेज की बिनाह पर कार के असली मालिक और उस वक्त वाहन चला रहे ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े तमाम दूसरे पहलुओं और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। मुख्य सड़क पर इस प्रकार गाड़ियां पार्क करके जश्न मनाने से न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि वहां से गुजरने वाले आम नागरिकों और राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। इसके अलावा, किसी भी सार्वजनिक और खुली जगह पर इस तरह से पटाखे फोड़ना या आतिशबाजी करना सुरक्षा के स्थापित नियमों का खुला उल्लंघन माना जाता है। पुलिस ऐसे मामलों में प्राप्त शिकायतों और डिजिटल सबूतों को आधार बनाकर कानूनी शिकंजा कसती है।
जांच में स्पष्ट हुई वीडियो की सही लोकेशन
इस पूरी घटना के दौरान वीडियो की सही भौगोलिक स्थिति को लेकर शुरुआती दौर में काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। चूंकि इस जन्मदिन के जश्न के केंद्र में रायपुर में तैनात नायब तहसीलदार विपिन पटेल का नाम आ रहा था, इसलिए ज्यादातर लोगों ने यही मान लिया था कि यह वीडियो राजधानी रायपुर का ही होगा। हालांकि, जब पुलिस विभाग ने बिलासपुर के विभिन्न संभावित स्थानों की तस्दीक की, तो यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह वाकया बिलासपुर के रिवर व्यू रोड का ही है। फिलहाल बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस ने कार के मालिक और उसके ड्राइवर पर शिकंजा कसते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जा रही है।



















