जयपुर से राजस्थान के खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के सुचारू संचालन और खेल गतिविधियों को गति देने के लिए 30 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि स्वीकृत कर जारी कर दी है। इस आर्थिक मदद के मिलते ही संघ ने अपने ऊपर बकाया बैंक ऋण की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान कर दिया है। यह कदम राज्य क्रिकेट के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि संघ लंबे समय से वित्तीय दबावों और संगठनात्मक अनिश्चितताओं से जूझ रहा था।
प्रशासक की पहल पर बैंक ऋण का पूरी तरह निपटारा
राजस्थान क्रिकेट संघ के मामलों की देखरेख कर रहे प्रशासक और आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत ने इस वित्तीय सहायता और ऋण निपटान की पुष्टि की है। सावंत के अनुसार, बीसीसीआई से 30 करोड़ रुपये की किश्त प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर बैंक लोन के मद में देय पूरी रकम चुका दी गई। इससे संघ पर सालों से चला आ रहा वित्तीय दायित्व समाप्त हो गया है। बैंक का कर्ज पूरी तरह चुकता हो जाने से अब संघ की कार्यप्रणाली पर मंडरा रहे आर्थिक संकट के बादल छंट गए हैं, जिससे आगामी खेल आयोजनों के लिए संसाधन जुटाना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
बीसीसीआई की बैठक और सचिव के साथ विचार-विमर्श
इस वित्तीय मदद की नींव तब पड़ी जब प्रशासक भास्कर ए. सावंत ने बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) में राजस्थान क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व किया था। उस बैठक के दौरान सावंत ने बोर्ड के पदाधिकारियों के समक्ष राजस्थान क्रिकेट से संबंधित महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरतों और खेल गतिविधियों के संचालन में आ रही अड़चनों को विस्तृत प्रस्ताव के जरिए प्रस्तुत किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि राज्य में क्रिकेट के विकास के लिए तत्काल आर्थिक संबल की आवश्यकता है।
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रशासक भास्कर ए. सावंत ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सेकिया के साथ भी एक अहम बैठक की थी। इस व्यक्तिगत मुलाकात में राजस्थान क्रिकेट संघ से जुड़े तमाम लंबित मामलों, खिलाड़ियों की सुविधाओं और विभिन्न आयु वर्गों के टूर्नामेंट्स के लिए अपेक्षित बजट पर गहन चर्चा हुई थी। सावंत के इन प्रशासनिक प्रयासों के फलस्वरूप क्रिकेट बोर्ड ने संघ के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए 30 करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण राशि जारी करने का निर्णय लिया।
राज्य में खेल गतिविधियों को मिलेगा नया विस्तार
प्रशासक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बीसीसीआई द्वारा उपलब्ध कराई गई इस 30 करोड़ रुपये की राशि का मुख्य उद्देश्य राजस्थान क्रिकेट संघ के अधीन होने वाली तमाम खेल गतिविधियों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाना है। इस कोष से स्थानीय स्तर पर घरेलू टूर्नामेंट्स का आयोजन, खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर, आधारभूत ढांचे की देखभाल और विभिन्न टीमों के संचालन में सहयोग मिलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक संसाधन उपलब्ध होने से राज्यभर के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर मौके मिल सकेंगे।
चुनाव प्रक्रिया और कानूनी घटनाक्रम के बीच वित्तीय राहत
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब राजस्थान क्रिकेट संघ में पिछले काफी समय से तदर्थ प्रशासनिक व्यवस्था लागू है। जुलाई 2026 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को आरसीए का प्रशासक नियुक्त किया था और उन्हें निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने का दायित्व सौंपा था। अदालत के निर्देशों के तहत 29 सितंबर को संघ की नई कार्यकारिणी के चयन के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई।
मतदान संपन्न होने के बावजूद फिलहाल चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित नहीं किए जा सके हैं, क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा पर अंतरिम रोक लगा रखी है और सभी मतपत्रों को सुरक्षित सीलबंद रखने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासनिक गतिरोध के बीच 30 करोड़ रुपये की मदद मिलना और बैंक ऋण का पूरी तरह चुकता होना राज्य क्रिकेट प्रशासन के लिए एक राहत भरी खबर बनकर उभरा है।























