राजस्थान के डूंगरपुर जिले में सनसनी फैलाने वाले नर्सिंग छात्रा निशा कटारा हत्याकांड की गुत्थी को सागवाड़ा थाना पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के प्रेमी पूनमचंद कटारा को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी के पास से कत्ल में इस्तेमाल खंजर, खून से सने कपड़े, छात्रा का बैग और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। प्राथमिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने छात्रा से अपना पीछा छुड़ाने की नीयत से इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस फिलहाल गिरफ्त में आए आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है।
नाले से मिला था क्षत-विक्षत शव
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सागवाड़ा पुलिस उपाधीक्षक हेरम्ब जोशी ने बताया कि 24 सितंबर को नाल घुमाव के पास नाले में एक महिला का शव लावारिस हालत में पड़ा देखा गया था। शव करीब 10 से 15 दिन पुराना होने के कारण बुरी तरह सड़ चुका था और उसमें से काफी बदबू आ रही थी। स्थानीय लोगों की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद मृतका की शिनाख्त के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और शारीरिक हुलिए के आधार पर पड़ताल शुरू की। मृतका के कपड़ों और चप्पल की बनावट देखकर घाटा वस्सी निवासी परिजनों ने उसकी पहचान निशा कटारा के रूप में की।
नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी छात्रा
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि मृतका निशा कटारा सागवाड़ा कस्बे में स्थित एक नर्सिंग कॉलेज की छात्रा थी। वह कॉलेज के पास ही एक कमरा किराए पर लेकर अपनी सहेलियों के साथ रह रही थी। जब पुलिस अधिकारियों ने उसकी साथी छात्राओं से पूछताछ की तो मामले में एक बड़ा सुराग हाथ लगा। सहेलियों ने खुलासा किया कि बीते 19 सितंबर को पारडा चौबिसा का रहने वाला पूनमचंद कटारा निशा को अपनी बाइक पर साथ ले गया था। उस दिन के बाद से ही निशा रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थी और कमरे पर वापस नहीं लौटी।
राजस्थान से गुजरात तक पुलिस की छापेमारी
निशा के अचानक गायब होने और फिर शव मिलने की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर संदिग्ध पूनमचंद की तलाश तेज की गई। पुलिस टीम ने राजस्थान और पड़ोसी राज्य गुजरात के कई शहरों में दबिश दी। इस दौरान उदयपुर, माउंट आबू, अंबाजी और अहमदाबाद के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की गई। लंबी मशक्कत के बाद टीम ने पूनमचंद को हिरासत में ले लिया। मनोवैज्ञानिक और सख्त पूछताछ के सामने आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
विवाद के बाद खंजर से किए ताबड़तोड़ वार
पूछताछ के दौरान आरोपी पूनमचंद ने हत्या की वजह का खुलासा किया। उसने बताया कि निशा उस पर लगातार संबंध बनाए रखने और साथ रहने का भारी दबाव डाल रही थी। इतना ही नहीं, वह उसे झूठे केस में फंसाने की धमकियां भी दे रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई थी। पूनमचंद उससे हर हाल में अलग होना चाहता था। 19 सितंबर को वह निशा को बहला-फुसलाकर एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां कहासुनी होने पर उसने खंजर निकाला और निशा के पेट व सीने पर ताबड़तोड़ कई वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
गेपसागर झील से बरामद किए गए साक्ष्य
हत्या करने के बाद आरोपी ने मामले को छिपाने के लिए सोची-समझी साजिश रची। उसने मृतका के शव को नाले में फेंक दिया ताकि किसी को भनक न लगे। इसके बाद खून से सना खंजर, अपने कपड़े और निशा का बैग डूंगरपुर की प्रसिद्ध गेपसागर झील के पानी में फेंक दिया। साक्ष्य नष्ट करने के बाद वह सीधे गुजरात भाग गया था। पुलिस ने सिविल डिफेंस के गोताखोरों की मदद से झील में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया और पानी के भीतर से सभी अहम सबूत सफलतापूर्वक बरामद कर लिए। अब पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।



















