रूखी त्वचा में नमी लौटाने के लिए घर पर तैयार करें जापानी चावल का पानीमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी सीजेपी, 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनीआईआईएम अहमदाबाद और बेंगलुरु में सिर्फ 99.9 परसेंटाइल से नहीं मिलेगी सीट, जानिए किन बातों से मजबूत बनता है प्रोफाइलसिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास जी को अमित शाह और अन्य नेताओं ने किया नमनप्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दौरा, कई विकास कार्यों की देंगे सौगातनीम करोली बाबा के जीवन पर बनी 'हनुमान अंश' ने थिएटर्स में पूरे किए 50 दिन, कुल कमाई पहुंची 381 करोड़ के पाररात में चावल या रोटी खाने से मोटापा बढ़ने के दावे पर क्या है सच? फरीदाबाद की एक्सपर्ट ने दी सही सलाहपटना में उधारी के विवाद पर युवक पर उड़ेला पेट्रोल, आग लगाने के फेर में पास खड़ा ग्राहक भी झुलसाईरान के सात दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव को डोनाल्ड ट्रंप ने नकारा, अमेरिकी चुनाव के बाद नए सैन्य हमलों की आशंकाएशियाई खेलों की मैराथन में सावन बरवाल ने जीता रजत पदक, 44 वर्षों का लंबा इंतजार खत्म
एशियाई खेलों की मैराथन में सावन बरवाल ने जीता रजत पदक, 44 वर्षों का लंबा इंतजार खत्मखेल
26 सित॰ 2026, 9:02 am (2 मिनट पहले)· 0

एशियाई खेलों की मैराथन में सावन बरवाल ने जीता रजत पदक, 44 वर्षों का लंबा इंतजार खत्म

आइची नागोया एशियाई खेल 2026 में भारतीय सेना के धावक सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

जापान के आइची नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में 26 सितंबर का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। भारतीय सेना के 28 वर्षीय जवान सावन बरवाल ने पुरुषों की 42.195 किलोमीटर मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। सावन ने यह दूरी 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में तय की, जिसके साथ ही उन्होंने एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया। इस स्पर्धा में भारत को पूरे 44 साल बाद कोई पदक मिला है।

गोल्ड मेडल से महज 48 सेकंड की दूरी

इस बेहद प्रतिस्पर्धी दौड़ में सावन बरवाल स्वर्ण पदक जीतने से सिर्फ 48 सेकंड से चूक गए। जापान के धावक इचिताका यामाशिता ने सावन से 48 सेकंड पहले रेस पूरी करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, चीन के धावक पेइयू फेंग ने 2 घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। सावन बरवाल एशियाई खेलों की मैराथन स्पर्धा में पदक जीतने वाले भारत के चौथे एथलीट बन गए हैं।

भारतीय मैराथन के इतिहास पर नजर डालें तो इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने देश के लिए कांस्य पदक जीता था। वहीं, साल 1951 में नई दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों के दौरान छोटा सिंह ने स्वर्ण पदक और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक हासिल किया था। 1982 के बाद से भारत इस इवेंट में पोडियम तक नहीं पहुंच सका था, जिसे अब सावन ने समाप्त कर दिया।

मैराथन में पदार्पण और रिकॉर्ड तोड़ने का सफर

सावन बरवाल ने लंबी दूरी की दौड़ में 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन में हिस्सा लेने के बाद इसी साल पूर्ण मैराथन स्पर्धा में अपना पदार्पण किया था। अपने पदार्पण वर्ष में ही उन्होंने इतिहास रचना शुरू कर दिया था। अप्रैल के महीने में उन्होंने रॉटरडम में आयोजित एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह के 48 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा था। शिवनाथ सिंह ने 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय निकाला था, जिसे सावन ने पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान बनाया था।

रणनीति और पारिवारिक पृष्ठभूमि

पदक जीतने के बाद अपनी योजना साझा करते हुए सावन बरवाल ने बताया कि उनका मुख्य ध्यान रिकॉर्ड के बजाय सिर्फ मेडल जीतने पर था। उन्होंने दौड़ के दौरान 39.40 किलोमीटर तक अग्रणी समूह में बने रहने की योजना बनाई थी। उन्होंने बताया कि अंतिम 38.37 किलोमीटर तक केवल तीन धावक ही दौड़ में आगे चल रहे थे, जहां उन्होंने अपनी गति को नियंत्रित रखते हुए आखिरी क्षणों में तेजी दिखाई।

सावन मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता दिल्ली में ड्राइवर के रूप में कार्य करते थे, जबकि उनकी मां सुभद्रा देवी एक गृहिणी हैं। सावन बरवाल साल 2019 में खेल कोटे के जरिए अपने भाई के साथ भारतीय सेना में शामिल हुए थे और वहीं से अपनी खेल प्रतिभा को निखारते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। उनके इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की गई।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

सावन बरवाल ने एशियाई खेल 2026 में कौन सा पदक जीता?
सावन बरवाल ने पुरुषों की 42.195 किलोमीटर मैराथन स्पर्धा में 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता।
मैराथन स्पर्धा में गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल किसने जीता?
जापान के इचिताका यामाशिता ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के पेइयू फेंग ने 2 घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
भारत ने इससे पहले एशियाई खेलों की मैराथन में पदक कब जीता था?
भारत ने इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों में पदक जीता था, जब होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने कांस्य पदक हासिल किया था।
सावन बरवाल का संबंध किस राज्य से है और वे क्या करते हैं?
सावन हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले हैं और वे 2019 से भारतीय सेना में कार्यरत हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp