उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली स्थित दयालपुरम इलाके से सामाजिक बंधनों को तोड़कर इंसानियत और रिश्तों की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहाँ एक परिवार ने गहरे दुख के पलों में भी अपनी विधवा बहू के भविष्य की चिंता करते हुए उसका नया जीवन बसाने का निर्णय लिया। बेटे की असमय मौत के महज एक महीने के भीतर ही सास ने बहू को बेटी की तरह विदा किया, वहीं देवर ने भी एक जिम्मेदार भाई की भांति कन्यादान की रस्म निभाई।
दुखों का पहाड़ टूटने के बाद परिवार ने संभाली जिम्मेदारी
हरिद्वार के बहादुरपुर की रहने वाली मीनाक्षी की शादी 10 साल पहले यानी वर्ष 2017 में दयालपुरम निवासी रोहित के साथ हुई थी। दोनों का पारिवारिक जीवन काफी खुशहाल चल रहा था और उनकी दो बेटियां—7 वर्षीय रितु तथा डेढ़ वर्ष की अविका हैं। लेकिन अचानक इस परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा। 14 अगस्त को रोहित के पिता ओमपाल, जो पेशे से राज मिस्त्री थे, उनका कैंसर की बीमारी के कारण निधन हो गया। पिता के जाने के गहरे सदमे को रोहित बर्दाश्त नहीं कर सके और अगले ही दिन 15 अगस्त को उनकी भी मृत्यु हो गई।
सास और देवर की पहल से आर्य समाज मंदिर में हुआ विवाह
पति और ससुर को खोने के बाद जवान बहू मीनाक्षी पर दुखों का संकट गहरा गया। ऐसे समय में उनकी सास सुनीता ने पारंपरिक सोच से ऊपर उठकर अपनी बहू का पुनर्विवाह कराने का साहसिक फैसला लिया। सास ने मीनाक्षी की सहमति के बाद राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ शादी तय की। बुधवार को आर्य समाज मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज के साथ यह विवाह संपन्न कराया गया। इस विवाह में मीनाक्षी के देवर मोहित ने बड़े भाई की अनुपस्थिति में स्वयं भाई बनकर कन्यादान की रस्म अदा की।
परिवार का संदेश और मीनाक्षी का फैसला
इस निर्णय से परिवार का हर सदस्य संतुष्ट नजर आ रहा है। मीनाक्षी ने स्पष्ट किया कि यह शादी उन्होंने पूरी तरह अपनी मर्जी से की है और उनके ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं था। उन्होंने अपनी सास और देवर के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि उनके सास-ससुर ने उनके लिए बहुत अच्छा सोचा है। वहीं देवर मोहित का कहना था कि भाई और पिता के जाने के बाद लगभग एक महीना हो चुका था, लेकिन भाभी की आगे लंबी उम्र पड़ी है और दोनों छोटी बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। सास सुनीता ने कहा कि वे अपनी बहू को अपनी बेटी मानकर विदा कर रही हैं और जिंदगी भर यह रिश्ता निभाएंगी।























