राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित जवाहर सर्किल पर देर रात महिलाओं और युवतियों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। अपनी सुरक्षा और बुनियादी आजादी के अधिकार को लेकर प्रदर्शनकारियों ने व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए एक विशाल नाइट वॉक का आयोजन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए महिलाओं ने मौजूदा कानून व्यवस्था तथा प्रशासनिक तैयारियों में मौजूद खामियों पर सीधे सवाल उठाए।
समान अधिकारों और देर रात बेखौफ घूमने की मांग
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल युवतियों का कहना था कि जब समाज के भीतर पुरुष रात के किसी भी पहर बिना किसी डर के बाहर निकल सकते हैं, तो महिलाओं के बाहर कदम रखते ही खतरे का माहौल क्यों बन जाता है। उन्होंने सवाल किया कि सुरक्षा तंत्र और सरकारी ढांचा महिलाओं को वही बेखौफ माहौल मुहैया कराने में क्यों नाकाम साबित हो रहा है, जिसका वे पूरा हक रखती हैं।
हर उम्र की महिला के लिए सुरक्षा की मांग
प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि मौजूदा सुरक्षा इंतजामात नाकाफी हैं और वे इस व्यवस्था से तंग आ चुकी हैं। उनका कहना था कि चंद महीनों की मासूम बच्ची से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक, समाज में कोई भी उम्र वर्ग पूरी तरह से सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस व्यवस्था में बुनियादी सुधार की मांग करते हुए महिलाओं ने साफ किया कि जब तक जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव नजर नहीं आता, तब तक वे इसी तरह सार्वजनिक रास्तों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराती रहेंगी।
प्रशासन से पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने की गुहार
जवाहर सर्किल पर जुटी महिलाओं ने एलान किया कि व्यवस्था की कमियों के खिलाफ शुरू हुआ यह संघर्ष अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने शासन और स्थानीय प्रशासन से मांग की कि महिलाओं की हिफाजत के लिए तत्काल कड़े और पुख्ता कदम उठाए जाएं। इस विरोध के जरिए प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि वे डर की वजह से घरों में कैद रहने के लिए तैयार नहीं हैं, बल्कि शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने और अपनी आजादी कायम रखने के लिए लगातार संघर्ष करेंगी।




















