राजस्थान के सीकर में धार्मिक प्रवचनों के बीच एक अनोखा खेल मुकाबला देखने को मिला। गोविंदम गार्डन में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन कर रहे जाने-माने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय शाम का सत्र समाप्त होते ही खेल के मैदान पर बल्ला थामे नजर आए। भैरूंपुरा स्थित क्रिकेट एकेडमी में आयोजित इस विशेष मैत्री मैच में वृंदावन और खाटूश्यामजी की टीमों ने आमने-सामने जोर आजमाइश की। इस दस ओवर के संक्षिप्त मुकाबले में इंद्रेश उपाध्याय की अगुवाई वाली वृंदावन की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खाटूश्यामजी इलेवन को 8 रन से मात दी।
प्रवचन के उपरांत अचानक बना खेल का माहौल
गोविंदम गार्डन परिसर में कथा की समाप्ति के बाद आयोजन समिति से जुड़े सदस्यों ने कथावाचक के समक्ष मैदान पर उतरने का प्रस्ताव रखा। इसके तुरंत बाद खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान को भी इस मुकाबले का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया। दोनों पक्षों की सहमति मिलते ही टीमें तैयार की गईं और देखते ही देखते भक्ति रस से सराबोर माहौल रोमांचक खेल के उत्साह में तब्दील हो गया। इस मैत्रीपूर्ण मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय खेल प्रेमी और श्रद्धालु मैदान के चारों ओर जुट गए।
दस ओवरों के रोमांचक मुकाबले का घटनाक्रम
सिक्का उछलने के बाद वृंदावन की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान इंद्रेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में टीम के बल्लेबाजों ने सधी हुई शुरुआत की और निर्धारित 10 ओवरों के भीतर स्कोरबोर्ड पर 92 रन टांग दिए। जीत के लिए मिले 93 रनों के लक्ष्य के जवाब में मानवेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व वाली खाटूश्यामजी इलेवन मैदान पर उतरी। हालांकि, लक्ष्य का पीछा करते हुए खाटूश्यामजी की टीम निर्धारित ओवरों में 84 रन तक ही पहुंच सकी और 8 रन से मुकाबला गंवा बैठी। इस मैच में नरपत सिंह शेखावत, नरेश सिंधी, राहुल तिवाड़ी और मुकेश शर्मा समेत कई अन्य स्थानीय खिलाड़ियों और गणमान्य नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
कथा की रूपरेखा और आगामी धार्मिक प्रसंग
सीकर के गोविंदम गार्डन में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान 7 अक्टूबर तक संचालित होगा, जिसमें हर रोज दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवचन दिए जा रहे हैं। आध्यात्मिक सत्रों की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए इंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि तीसरे दिन भक्त प्रहलाद का चरित्र और वामन अवतार का वृत्तांत सुनाया जाएगा। इसके बाद चौथे दिन नंदोत्सव अर्थात श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य उल्लास रहेगा। पांचवें दिन गोवर्धन पूजा की महिमा, छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का उत्सव तथा अंतिम यानी सातवें दिन सुदामा चरित्र व शुकदेव पूजन का प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा। कथा के हर प्रसंग को प्रभावी बनाने के लिए सजीव झांकियों की सुंदर प्रस्तुति भी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए विशेष प्रबंध
कथा स्थल पर दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए कई सहूलियतें जुटाई गई हैं। पंडाल में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पूरी तरह अलग ब्लॉक बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त वृद्ध और दिव्यांग जनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ई-रिक्शा की निशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सीकर शहर के विभिन्न मोहल्लों और आसपास के ग्रामीण इलाकों से श्रद्धालुओं को कार्यक्रम स्थल तक लाने और वापस छोड़ने के लिए परिवहन वाहनों का भी बंदोबस्त किया गया है।



















