भीलवाड़ा की पूजा कुमारी सांखला से सीखें खीरा-ककड़ी का क्रश रायता बनाने का 5 मिनट वाला आसान तरीकाकैंपस की दीवारों को नारों से मुक्त रखने के लिए जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने की डिजिटल मंच अपनाने की अपीलनाहरगढ़ जैविक उद्यान और पीलीभीत में बाघ के हमले से दो की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालदैनिक राशिफल 3 सितंबर: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का विस्तृत भाग्यफलदैनिक आहार को न्यूट्रिशियस बनाने के 5 कारगर उपाय, आपकी थाली में संतुलन लाएंगे ये बदलावमध्य पूर्व तनाव और फ़ेड की सख्ती से डॉलर मजबूत, दो हफ्ते के निचले स्तर पर फिसला यूरोअयोध्या श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में शामिल हुए तीन नए ट्रस्टी, पहले CEO के चयन पर मंथन तेज1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बेगूसराय के मेघौल गाँव का ऐतिहासिक बलिदान और अंग्रेजों का वह खौफनाक जुल्मपुलिस जांच पक्ष में करने के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल और सेल्समैन अमरसर में गिरफ्तारगुवाहाटी में दर्दनाक हादसा, नेमकेयर अस्पताल के आईसीयू में ऑन ड्यूटी डॉक्टर की संदिग्ध मौत
जयपुर की 19 निकायों में 4884 नामांकन के बाद संवीक्षा शुरू, संदेश नायक ने जारी किए आंकड़ेराजस्थान
1 सित॰ 2026, 1:05 pm (1 दिन पहले)· 0

जयपुर की 19 निकायों में 4884 नामांकन के बाद संवीक्षा शुरू, संदेश नायक ने जारी किए आंकड़े

जयपुर जिले की 19 नगरीय निकायों के 690 वार्डों के लिए 4238 उम्मीदवारों ने 4884 पर्चे दाखिल किए हैं। 1 सितंबर से नामांकन पत्रों की जांच शुरू हो गई है और 3 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

जयपुर जिले की 19 विभिन्न शहरी निकायों में आगामी स्थानीय चुनाव को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। तीन दिनों तक चली पर्चा भरने की प्रक्रिया के समापन के बाद 1 सितंबर की सुबह 11 बजे से रिटर्निंग अधिकारियों के दफ्तरों में नामांकन पत्रों की संवीक्षा का कार्य आरंभ कर दिया गया है। 690 वार्डों के लिए 4238 उम्मीदवारों ने कुल 4884 नामांकन पत्र जमा करवाए हैं। अंतिम दिन अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसके चलते एक ही दिन में चार हजार से अधिक नामांकन पत्र दाखिल किए गए। अब प्रशासन द्वारा प्रत्येक पर्चे की बारिकी से जांच की जा रही है ताकि योग्य अभ्यर्थियों की सूची तैयार की जा सके।

तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया का पूरा विवरण

स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पर्चा दाखिल करने की समयसीमा तीन दिनों की थी। शुरुआत में उम्मीदवारों की ओर से बेहद धीमी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी, लेकिन अंतिम दिन अचानक भीड़ उमड़ पड़ी।

ये भी पढ़ें
  • पहले दिन, 27 अगस्त को महज 39 अभ्यर्थियों ने अपने दावे पेश करते हुए कुल 48 नामांकन पत्र जमा किए थे।
  • दूसरे दिन यानी 29 अगस्त को प्रक्रिया में थोड़ी तेजी आई और 650 अभ्यर्थियों ने 737 पर्चे दाखिल किए।
  • अंतिम दिन 31 अगस्त को नामांकन केंद्रों पर जबरदस्त गहमागहमी दर्ज की गई। इस एक दिन में 3549 उम्मीदवारों ने 4099 पर्चे दाखिल कर अपनी दावेदारी दर्ज कराई।

इस प्रकार तीन दिनों की अवधि में कुल मिलाकर 4238 उम्मीदवारों ने 4884 पर्चे दाखिल किए हैं।

जयपुर नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों का आंकड़ा

जयपुर जिले के अंतर्गत आने वाली सभी 19 निकायों में प्रत्याशियों की संख्या अलग-अलग रही। सबसे ज्यादा हलचल जयपुर नगर निगम में देखने को मिली, जहां कुल 150 वार्डों में 1253 दावेदारों ने 1392 पर्चे जमा किए।

अन्य प्रमुख निकायों में पर्चों की स्थिति इस प्रकार रही

  • शाहपुरा नगर परिषद में 432 अभ्यर्थियों ने 533 नामांकन पत्र भरे।
  • चाकसू नगरपालिका में 269 उम्मीदवारों द्वारा 365 पर्चे दाखिल किए गए।
  • चौमूं नगर परिषद में 205 अभ्यर्थियों ने 234 पर्चे जमा किए।
  • मनोहरपुर में 223 पर्चे दाखिल किए गए।
  • बस्सी में 211 नामांकन पर्चे आए।
  • बगरू निकाय में 210 पर्चे जमा हुए।
  • फागी में 196 नामांकन दर्ज किए गए।
  • सांभर में 172 पर्चे जमा किए गए।
  • दूदू में 171 पर्चे आए।
  • नारायणा में 170 नामांकन पत्र मिले।
  • जमवारामगढ़ में 164 अभ्यर्थियों के पर्चे जमा हुए।
  • खेजरोली में 162 पर्चे दाखिल किए गए।
  • किशनगढ़-रेनवाल में 144 नामांकन पत्र आए।
  • वाटिका में 133 पर्चे जमा हुए।
  • कालाडेरा में 113 नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
  • जोबनेर में 109 पर्चे दाखिल हुए।
  • फुलेरा निकाय में 108 नामांकन पत्र मिले।
  • कानोता नगरपालिका में सबसे कम 74 पर्चे दाखिल किए गए।

संवीक्षा, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की समयसीमा

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 सितंबर से सभी संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालय में पर्चों की संवीक्षा शुरू कर दी गई है। इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवारों के साथ लगे सभी दस्तावेजों, शपथ पत्रों और उनकी संवैधानिक व विधिक पात्रता का परीक्षण कर रहे हैं। यदि किसी उम्मीदवार के पर्चे में नियमों के मुताबिक कोई खामी पाई जाती है, तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा।

संवीक्षा पूरी होने के बाद 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशियों के पास अपना नामांकन वापस लेने का मौका रहेगा। जो अभ्यर्थी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं, वे इस निर्धारित समयसीमा तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त होते ही 4 सितंबर को चुनावी मैदान में डटे रहने वाले सभी उम्मीदवारों को उनके चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे।

मतदान की तिथियों का ऐलान

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिले की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के लिए 9 सितंबर को मतदान कराया जाना प्रस्तावित है। वहीं जयपुर नगर निगम के लिए 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। चुनाव चिह्नों के आवंटन के साथ ही सभी 19 निकायों में चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच जाएंगी और प्रत्याशियों का अंतिम खाका पूरी तरह साफ हो जाएगा।

सवाल-जवाब

जयपुर निकाय चुनाव में कुल कितने नामांकन दाखिल किए गए हैं?
जयपुर जिले की 19 निकायों के 690 वार्डों के लिए 4238 अभ्यर्थियों ने कुल 4884 नामांकन पत्र जमा किए हैं।
जयपुर नगर निगम में कुल कितने अभ्यर्थियों ने नामांकन भरा है?
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए 1253 अभ्यर्थियों ने 1392 नामांकन पत्र भरे हैं।
नामांकन पत्रों की संवीक्षा कब शुरू हुई और नाम वापसी की अंतिम तिथि क्या है?
नामांकन पत्रों की संवीक्षा 1 सितंबर सुबह 11 बजे शुरू हुई है और अभ्यर्थी 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अपना नाम वापस ले सकते हैं।
उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न कब दिए जाएंगे?
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 सितंबर को मैदान में बचे प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न दिए जाएंगे।
जयपुर में मतदान की तिथियां क्या तय की गई हैं?
नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के लिए 9 सितंबर को और जयपुर नगर निगम के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

स्थानीय निकायों के चुनाव में अंतिम दिन उमड़ी भीड़ और रिकॉर्ड नामांकन प्रशासनिक सतर्कता और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी चुनौती होते हैं। जयपुर की 19 निकायों में 4884 पर्चों की बारीकी से जांच करना और नाम वापसी के दौरान राजनीतिक तनाव व सुरक्षा प्रबंधों को संभालना जिला प्रशासन और पुलिस के लिए अगले कुछ दिनों की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

अंतिम दिन भारी संख्या में पर्चे दाखिल होने से न केवल संवीक्षा का काम जटिल हो गया है, बल्कि जिला प्रशासन के समक्ष आगामी 3 सितंबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करना भी एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में रहने से मतदान के दिन बूथ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे निर्वाचन अधिकारियों की कार्यकुशलता की असल परीक्षा अब शुरू होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR