गुवाहाटी स्थित नेमकेयर अस्पताल में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहां अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे एक डॉक्टर अस्पताल परिसर में मृत पाए गए। मृतक की पहचान डॉ. प्रयाश सिंघल के रूप में हुई है, जो इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात थे। जब सहकर्मियों ने उन्हें बेसुध अवस्था में देखा, तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत अधिकारियों को सूचित किया गया।
अस्पताल की नई इमारत में घटी घटना
यह दुखद मामला नेमकेयर अस्पताल की नई इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित गहन चिकित्सा इकाई यानी आईसीयू का है। डॉ. प्रयाश सिंघल घटना के समय आईसीयू में ऑन ड्यूटी तैनात थे। अस्पताल के कर्मचारियों ने जब उन्हें किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न देते हुए पाया, तो तुरंत आपातकालीन स्थिति को भांपते हुए स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस जांच और ओवरडोज की आशंका
सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत अस्पताल पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मौत के कारणों और परिस्थितियों को समझने के लिए प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि डॉ. सिंघल ने मौत से पहले अज्ञात गोलियों की बड़ी मात्रा का सेवन कर लिया था। पुलिस की टीम अब इन पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।
तनाव और 7 वर्षों का लंबा अनुभव
डॉ. प्रयाश सिंघल पिछले लगभग 7 सालों से नेमकेयर अस्पताल में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहे थे। हालांकि, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मौत की सटीक वजह और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पूरी जांच प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही हो सकेगी।




















