झुंझुनूं जिले के बाजारों में इन दिनों त्योहारी सीजन के चलते खरीदारी का अभूतपूर्व उत्साह नजर आ रहा है। सोने और चांदी के आभूषणों से लेकर वस्त्र, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तनों तक हर व्यापारिक वर्ग में ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। सबसे अधिक चमक और रौनक सर्राफा बाजार में देखने को मिल रही है, जहां स्थानीय कारोबारियों के अनुसार महज एक ही दिन के भीतर 80 किलोग्राम से अधिक सोना और 800 किलोग्राम से ज्यादा चांदी के जेवरों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है। जिले भर में कुल व्यापार का यह आंकड़ा 150 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
सोने-चांदी और निवेश पर लोगों का जोर
आभूषण बाजार में ग्राहकों ने केवल पारंपरिक जेवरों की खरीदारी ही नहीं की, बल्कि भविष्य के निवेश को भी पूरी प्राथमिकता दी। सोने की चेन, मंगलसूत्र और अंगूठियों के अलावा चांदी के सिक्के, घरेलू बर्तन, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों के साथ-साथ एंटीक वस्तुओं की भारी मांग बनी रही। इस त्योहारी सीजन में चांदी की उन वस्तुओं की विशेष डिमांड रही जिन पर मछली, हाथी और कछुए की कलात्मक आकृतियां गढ़ी गई थीं, जिन्हें ग्राहकों ने खूब सराहा। प्रसिद्ध ज्वैलरी कारोबारी मुकेश जांगिड़ के मुताबिक झुंझुनूं जिले में 200 से अधिक बड़े ज्वैलरी शोरूम और 400 से ज्यादा छोटी दुकानें संचालित होती हैं। इन बड़े प्रतिष्ठानों पर औसतन 300 ग्राम सोना और तीन किलो चांदी के आभूषण बिके, जबकि छोटी दुकानों पर औसतन 50 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के जेवर बिकने का अनुमान लगाया गया है। इसी आधार पर जिले भर में एक ही दिन में 80 किलो से ज्यादा सोना और 800 किलो से अधिक चांदी का कुल कारोबार हुआ है।
चांदी के सिक्कों और पारंपरिक डिजाइनों की धूम
इस बार चांदी के उत्पादों के प्रति लोगों में विशेष क्रेज देखने को मिला है, जहां खरीदारों ने विशेष रूप से चांदी के सिक्कों, पूजा के बर्तनों और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी की। इसके अलावा पारंपरिक पायजेब और अन्य गहनों के साथ-साथ एंटीक फिनिशिंग वाले डिजाइनों को भी खूब पसंद किया गया। स्वर्ण आभूषणों में मुख्य रूप से मंगलसूत्र, चेन और अंगूठियों की मांग सबसे आगे रही। आगामी शादी-विवाह के सीजन को ध्यान में रखते हुए कई परिवारों ने ज्वैलर्स के पास विशेष आभूषणों के एडवांस ऑर्डर भी बुक करवाए हैं, जिससे आने वाले दिनों में भी व्यापार के तेजी पर रहने की पूरी उम्मीद है।
कपड़ा बाजार में भी करोड़ों का कारोबार
कीमती धातुओं के अलावा परिधान बाजार में भी जबरदस्त रौनक और खरीदारी का माहौल रहा। जेएन क्रिएशन के संचालक अनूप गाडिया के अनुसार कपड़ा बाजार में अकेले एक ही दिन में लगभग तीन करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान है। त्योहारी उमंग के साथ-साथ लोगों ने आने वाले विवाह समारोहों की तैयारियों के मद्देनजर भी कपड़ों की खरीदारी अभी से शुरू कर दी है। महिला वर्ग में विशेष रूप से गोटा-पत्ती और जरदोजी वर्क वाली साड़ियों के साथ पारंपरिक पीली चुनरी की सबसे ज्यादा मांग दर्ज की गई। इसके अलावा मोर और राधा-कृष्ण के मनमोहक डिजाइनों वाली साड़ियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। सिल्क, प्रिंटेड और प्योर बंधेज की साड़ियों के साथ भारी एंटीक बॉर्डर वाले वस्त्र भी महिलाओं की पसंद बने हुए हैं, जबकि युवा पीढ़ी के बीच आकर्षक लहंगों और मल्टीकलर सितारों से सजे दुपट्टों का विशेष क्रेज नजर आया।
बिसाऊ कस्बे में भी चमका सर्राफा बाजार
जिला मुख्यालय के अलावा बिसाऊ कस्बे में भी धनतेरस के मौके पर खरीदारी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बिसाऊ में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने और चांदी के आभूषणों की कुल बिक्री हुई। कस्बे के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी करने पहुंचे। स्थानीय ज्वैलरी कारोबारियों के अनुसार इस बार सोने के मुकाबले चांदी के आभूषणों के प्रति लोगों का रुझान कुछ ज्यादा ही रहा। आभूषणों के साथ-साथ बर्तन, मिठाई और रोजमर्रा की घरेलू जरूरत के सामान बेचने वाली दुकानों पर भी खरीदारों की भारी भीड़ सुबह से डटी रही।
ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी बही बयार
जिले भर के ऑटोमोबाइल शोरूम और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठानों पर भी ग्राहकों की अच्छी खासी आवाजाही बनी रही। लोगों ने इस शुभ अवसर और अपनी पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोपहिया व चारपहिया वाहन, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आवश्यक उपभोक्ता सामान खरीदे। बर्तन बाजार में भी बरतन खरीदने की पारंपरिक परंपरा के चलते ग्राहकों का उत्साह साफ झलक रहा था। बाजारों में सुबह के शुरुआती घंटों से लेकर देर रात तक खरीदारों की भारी भीड़ का सिलसिला लगातार बना रहा, जिससे दुकानदारों के चेहरे खिले हुए नजर आए।
भीड़ के कारण प्रभावित हुई यातायात व्यवस्था
त्योहार के पावन अवसर पर बाजारों में उमड़े भारी जनसैलाब के कारण शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में कई बार जाम के हालात बन गए। सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लोगों को निकलने में परेशानी हुई। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एएसआई इंद्राज सिंह ने पुलिस बल के साथ मिलकर मोर्चा संभाला और यातायात को सुचारू बनाने के लिए मशक्कत की। आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्रमुख त्योहारों के दौरान बाजार के मुख्य मार्गों पर कम से कम दो दिनों तक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि खरीदारी के लिए आने वाले आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



















